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National Technology Day 2024: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस काहे मनावल जाला? जानिए एह दिन के इतिहास

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राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस हर साल 11 मई के मनावल जाला। एह दिन के मनावे के मकसद भारत के वैज्ञानिक उपलब्धियन के याद कइल बा ।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2024 : भारत में हर साल 11 मई के देश भर में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनावल जाला। एह दिन देश के वैज्ञानिक आ तकनीकी प्रगति के चिन्हित कइल जाला । आज के दिन हम ओह वैज्ञानिक, इंजीनियर आ नवाचारी लोग के श्रद्धांजलि देत बानी जे राष्ट्र के विकास में काफी योगदान देले बा।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के इतिहास

11 मई 1998 के भारत पोखरण में एगो सफल परमाणु परीक्षण कइलस। एह परीक्षण से भारत परमाणु सक्षम राष्ट्र बन गइल आ देश के विज्ञान आ तकनीक के बढ़ावा दिहल गइल । एह परीक्षणन के महत्व के चिन्हित करे खातिर सरकार 11 मई के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के रूप में मनावे के फैसला कइलस । एह परमाणु परीक्षण के कोड नाम शक्ति – परमाणु मिसाइल रहे। एकर नेतृत्व देश के तत्कालीन राष्ट्रपति आ एयरोस्पेस इंजीनियर डॉ. एपीजी अब्दुल कलाम कइले रहले । एकरा बाद भारत दुगो परमाणु हथियार के परीक्षण कइलस, जवना के नाम पोखरण-द्वितीय रखल गइल।

कइसे शुरू भइल?

साल 1962 में पश्चिमी देशन खास कर के अमेरिका से भारत के समर्थन ना मिलला का चलते डॉ.भाभा से परमाणु ऊर्जा संयंत्र खातिर तकनीक विकसित करे के कहल गइल । बाकी भाभा के निधन के बाद राजा रमन्ना इ जिम्मेवारी लेले। 1967 से 1969 के बीच भारत प्लूटोनियम रिएक्टर प काम शुरू कइलस। लगभग 75 गो वैज्ञानिकन के मदद से परमाणु परीक्षण शुरू भइल जवना में विक्रम साराभाई, राजा रमन्ना जइसन बहुते बड़का वैज्ञानिक शामिल रहले ।

परमाणु क्लब में भारत के प्रवेश

भारत के पहिला परमाणु परीक्षण पोखरण-I के हिस्सा रहे। पहिला परीक्षण 1974 में भइल रहे जवना के स्माइलिंग बुद्ध के नाम से जानल जाला। पोखरण-द्वितीय के सफलता के बाद प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भारत खातिर परमाणु परीक्षण के घोषणा कइले। भारत परमाणु क्लब में शामिल होखे वाला पहिला देश रहे।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के महत्व

ई दिन वैज्ञानिक आ तकनीकी प्रगति के महत्व के दर्शावत बा आ युवा पीढ़ी के विज्ञान आ प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कैरियर बनावे खातिर प्रेरित करेला। साथही भारत के वैज्ञानिक उपलब्धियन के याद करत जवना में पोखरन परमाणु परीक्षण, अग्नि मिसाइल के प्रक्षेपण आ मंगलयान मिशन के सफलता शामिल बा । ई दिन लोग में विज्ञान आ तकनीक के प्रति जागरूकता बढ़ावे में मदद करेला।

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