Lucknow : दरिंदगी, कट्टरता आ अराजकता के खिलाफ शहर में होई रावण दहन

By Anurag Ranjan

Published on: Oct 12, 2024

आज आश्विन शुक्ल दशमी पऽ क्रूरता, कट्टरता आ अराजकता के खिलाफ एकता के विषय पऽ लखनऊ राजधानी में रावण जरावल जाई। ऐशबाग रामलीला मैदान में सात फुट के रावण जरावल जाई। भव्य आतिशबाजी के आयोजन

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आज आश्विन शुक्ल दशमी पऽ क्रूरता, कट्टरता आ अराजकता के खिलाफ एकता के विषय पऽ लखनऊ राजधानी में रावण जरावल जाई। ऐशबाग रामलीला मैदान में सात फुट के रावण जरावल जाई। भव्य आतिशबाजी के आयोजन होई। श्री रामलीला समिति के अधिकारी हरिशचंद्र अग्रवाल कहले कि अबकी बेर रावण दहन के विषय क्रूरता, कट्टरता आ अराजकता के खिलाफबा। आयोजन साँझ सात बजे से शुरू होखी।

हर गली, हर लोकलटी आ हर घर आ अपार्टमेंट में लइका आ बड़ लोग मिल के रावण के मूर्ति जरावेला। शहर के ऐशबाग के रामलीला मैदान के अलावे महानगर, डालीगंज, जांकीपुरम, तेलीबाग समेत कई क्षेत्र में रामलीला के आयोजन के बाद आज रावण के मूर्ति जरावल जाई।

शुभ समय आज, रउआ कवनो नया काम कर सकेनी

ज्योतिषी एस एस नागपाल आ पंडित धीरेन्द्र पाण्डेय के मुताबिक विजय दशमी पऽ कवनो नया काम शुरू कइल शुभ बा। एह दिन रावण, मेघनाद आ कुंभकर्ण के मूर्ति दहन के परंपरा बा। एह दिन साँझ के मूर्ति जरावल जाला। नीलकंठ चिरई के दर्शन एह दिन बहुत शुभ मानल जाला। ई क्षत्रिय लोग के बड़का परब हऽ। आज के दिन विजय मुहूर्ता में हथियार के पूजा के परंपरा बा। एह परब पऽ माँ दुर्गा, भगवान राम के पूजा, अपराजिता पूजा, विजय-प्रयाना आ शमी पूजा आदि के पूजा कइल जाला। दुपहरिया में अपराजिता देवी के साथे जया आ विजयदेवी के पूर्वोत्तर दिशा में पूजा कइल जाला। एह दिन शमी के पेड़ के पूजा करे के परम्परा बा। दशमी तिथि में विजय मुहूर्ता 12 अक्टूबर के सबेरे 01:49 बजे से 02:35 बजे तक बा। अपराजिता देवी के पूजा, शमी वृक्ष के पूजा आ सीमा उल्लंघन (शत्रु के इलाका में प्रवेश) के काम दुपहरिया के समय में दुपहरिया 01:02 बजे से 03:21 बजे तक कइल शुभ बा।

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