Tiranga Disrespect : ‘देस के अपमान के भारी कीमत चुकावे के पड़ी’, न्यूयॉर्क में तिरंगा के अनादर पs भड़कलें किरेन रिजिजू

By Anurag Ranjan

Published on: Aug 31, 2026

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू अतवार के न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में प्रदर्शन के दौरान भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के कथित अनादर करे वाला प्रदर्शनकारियन के कड़ा आलोचना कइलें। ऊ कहलें कि लोग आरएसएस,

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Kiren Rijiju on Tiranga Disrespect in New York

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू अतवार के न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में प्रदर्शन के दौरान भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के कथित अनादर करे वाला प्रदर्शनकारियन के कड़ा आलोचना कइलें। ऊ कहलें कि लोग आरएसएस, बीजेपी भा सरकार के आलोचना करे खातिर आजाद बा, बाकिर देस आ राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के भारी कीमत चुकावे के पड़ सकेला।

ई विरोध प्रदर्शन सनिचर, 29 अगस्त के भइल रहे। ओह समय आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन के संबोधित करे वाला रहलें। रिजिजू प्रदर्शन के एगो वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पs शेयर कइलें, जवना में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के कथित अनादर देखावल गइल बा।

किरेन रिजिजू शेयर कइलें वीडियो

किरेन रिजिजू एक्स पs वीडियो शेयर करत कहलें कि लोग के आरएसएस, बीजेपी आ सरकार के आलोचना करे के पूरा आजादी बा। बाकिर देस आ तिरंगा के अपमान बर्दाश्त ना कइल जाई। ऊ कहलें कि अपना देस के बुरा-भला कहे भा राष्ट्रीय ध्वज के अपमान करे से बचे के चाहीं। रिजिजू चेतावनी देत कहलें कि अइसन हरकत के भारी कीमत चुकावे के पड़ सकेला।

मोहन भागवत न्यूयॉर्क में कइलें संबोधन

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत अमेरिका, कनाडा आ यूनाइटेड किंगडम के तीन देस के ग्लोबल आउटरीच दौरा पs बाड़ें। एह दौरा के पहिला चरण में ऊ न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन के संबोधित कइलें। आरएसएस के शताब्दी वर्ष समारोह के हिस्सा के रूप में स्थानीय संगठनन के निमंत्रण पs भागवत एह सप्ताह के सुरुआत में न्यूयॉर्क पहुंचल रहलें।

‘पहिले आपन कर्तव्य निभावे के चाहीं’

आपन संबोधन में मोहन भागवत कहलें कि भारत प्रवासी भारतीयन के जन्मभूमि जरूर बा, बाकिर जवन देस में ऊ लोग रहेला, उहे ओह लोगन के कर्मभूमि हs। एह कारण प्रवासी भारतीयन के सबसे पहिले अपना कर्तव्य निभावे आ अपना कर्मभूमि के प्रति वफादार रहे के चाहीं। भागवत कहलें कि अमेरिका में रहे वाला भारतीय मूल के लोगन के भारत से मिलल मूल्यन के आगे बढ़ावत सच्चा अमेरिकी के रूप में बेवहार करे के चाहीं।

ऊ कहलें कि जब लोग अमेरिका में रहेला, उहवें कमाई करेला आ आपन जिनगी बितावेला, तs ओकर अमेरिका के प्रति जिम्मेदारियो बा। प्रवासी भारतीयन के अपना कर्मभूमि के प्रति ई जिम्मेदारी पूरा करे के चाहीं आ देस के प्रति वफादार रहे के चाहीं।

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