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जयंती:बहुमुखी प्रतिभा के धनी रहले रामानंद सागर

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आज रामानंद सागर के 105वां जयंती हs। इनके जनम 29 दिसंबर 1917 के भइल रहे आ 2005 में आखिरी साँस लिहले रहलें। आज एह खास मउका पs हमनी के उनके आ रामायण से जुड़ल कुछ रोचक कहानी बतावत बानी जा।

रामानंद सागर के जनम लाहौर में भइल रहे। रउरा ई जान के हैरान होखब कि उनकर असली नाम रामानंद ना रहे। उनकर बचपन के नाम चंद्रमौली चोपड़ा रहे। हालांकि 5 साल के उमिर में उनुकर महतारी के मउत हो गईल। जेकरा बाद उनकर नानी उनका के गोद लिहली आ उनकर बाबूजी के दूसर बियाह हो गइल। बहुत कम लोग के मालूम होई लेकिन विधु विनोद चोपड़ा उनुकर सौतेला भाई हवे।

रामानंद के जिनगी एकदम आसान ना रहे। कहल जाला कि केहु सितारा रातों रात ना बनेला। रामानंद सागर एकर जीयत उदाहरण बा। उनुका पढ़े के बहुत शौक रहे। बाकिर पइसा के तंगी रहे आ एही से बहुते कम उमिर में कबो चपरासी तs कबो साबुन बेचे वाला के काम करे के पड़े। रामानंद हेल्पर आ ट्रक सफाई करे वाला के काम भी करत रहले। एकरा से जवन पइसा जुटावल जात रहे ओकरे पढ़ाई-लिखाई में खरच होत रहे।

फिल्मन में ताली बजावे वाला लड़िका के रूप में शुरू भइल

उनुकर फिल्मी कैरियर के शुरुआत 1932 में रामानंद सागर में क्लैपर बॉय के रूप में भईल रहे। बाद में पृथ्वी थियेटर में काम करे लगले। धीरे-धीरे फिलिमन खातिर कहानी आ पटकथा तs लिखले ना निर्देशक के काम करे लगले। उs आपन प्रोडक्शन कंपनी सागर फिल्म्स शुरू कईले।

रामानंद सागर बरसात, जिंदगी, आरजू, आंखे, गीत, जलते बदन, प्रेम बंधन, और सलमा जइसन कई गो फिलिम बनवले। एक बेर विदेश दौरा पs उs पहिला बेर रंगीन टीवी देखले। एकरा बाद उनुका मालूम रहे कि आवे वाला समय में टीवी के महत्व दिहल जाई अवुरी उनुकर ध्यान फिल्म से टीवी पs आ गईल। रामायण बनावे से पहिले विक्रम और बेताल, दादा-दादी की कहानियां जइसन शो बनवले।

 

रामायण कई गो रिकार्ड तूड़ देले रहे

रामानंद सागर के रामायण आजुओ देश के सबले प्रतिष्ठित शो बा। एह शो से जुड़ल बहुते रोचक कहानी बाड़ी सँ जवना के सभका मालूम होखे के चाहीं। जइसे कि जब रामायण पहिला बेर प्रसारित भइल रहे तs दूरदर्शन के हर एपिसोड खातिर ₹40 लाख के कमाई होखे के खबर बा। जबकि एक एपिसोड के प्रोडक्शन के लागत 9 लाख रुपिया रहे।

दशरथ आ कौशल्या के किरदार निभावे वाला अभिनेता बाल धुरी आ जयश्री गडकर के बियाह असल जिनिगी में हो गइल। रामायण के प्रसारण 55 देशन में भइल। साथ ही, ई शो दुनिया के सभसे ढेर देखल जाए वाली पौराणिक सीरीज खातिर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह बना लिहलस।

 

 

 

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