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IVF Mobile Van: पशुअन खातिर देश के पहिला चले वाला IVF लैब के सुविधा भइल शुरू, संत मुरारी बापू अउर मंत्री रूपाला कइलें लोकार्पण

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देश में पशुअन के एह विट्रो फर्टिलाइजेशन IVF खातिर पहिला चलित लैब के लोकार्पण गुजरात के अमरेली में संत मुरारी बापू अउर केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला कइलें। एकरे जरिए उत्तम नस्ल के साहीवाल गाय के साथही दूसर नस्ल के पशुअन के प्रजनन के बढ़ावा दिहल जाई।

अतवार के अमरेली में सारही तपोवन आश्रम के भूमिपूजन कार्यक्रम में एह मोबाइल आईवीएफ वैन के उद्घाटन कइल गइल। केंद्र सरकार अउर अमर डेयरी के संयुक्त उपक्रम में यह वैन संचालित कइल जाई। ई पशुअन खातिर देश के पहिला आईवीएफ वैन ह।

केंद्रीय मंत्री रूपाला बतवलें कि ई भारत के पहिला आईवीएफ मोबाइल इकाई बा। एह इकाई के मदद से अमरेली के पशुपालकन के आईवीएफ तकनीक उपलब्ध करावे के काम शुरू हो गइल बा।

बता देईं, आईवीएफ उन्नत प्रजनन तकनीक हवे। ई प्रजनन में मदद करे अउर संतान उत्पत्ति के एगो अत्याधुनिक प्रक्रिया ह। नीम्मन नस्ल के पशु के बचावे अउर बढ़ावे खातिर ई मोबाइल वैन कारगर साबित होई। साहीवाल नस्ल के गाय अउर निम्मन नस्ल के दुधारू पशुअन के आबादी बढ़वले में आईवीएफ वैन अहम भूमिका निभाई।

जानीं साहीवाल गाय के बारे में

  • साहीवाल देसी गाय ह। एकर सिर चौड़ा, सींग मोट अउर शरीर मध्यम आकार के होला।
  • साहीवाल गाय के रंग अक्सर लाल अउर गहिराह भूअर होला। कुछ के देह पर सफेद धब्बा भी रहsला।
  • ई प्रजनन के बाद करीब 9-10 महीना दूध देली।
  • ई गाय रोज 10 से 16 लीटर ले दूध देहले में सफल होली सब। दूसर देशी गायन के तुलना में एकर दूध देहले के क्षमता ज्यादा होला।
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