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एमएमएमयूटी में अब ‘व्यवसाय प्रबंधन’ से अलगे होई ‘मानविकी विभाग’

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुपालन में मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय विभागन के विकेंद्रीकरण के योजना बनवले बा। जेकरे मुताबिक ‘व्यवसाय प्रबंधन एवं मानविकी विभाग’ तीन हिस्सा में बंट जाई।

‘व्यवसाय प्रबंधन और मानविकी’ के अलावा एही विभाग के तहत चले वाला ‘अंग्रेजी व विदेशी भाषा विभाग’ भी अलग कs दिहल जाई। एह योजना के विश्वविद्यालय के प्रबंध बोर्ड के स्वीकृति भी मिल चुकल बा।

विश्वविद्यालय के योजना के मुताबिक, मानविकी विभाग में समाजशास्त्र अउर मनोविज्ञान विषय से जुड़ल रोजगारपरक डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा अउर सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम संचालित कइल जाई। ई सब पाठ्यक्रम सेल्फ फाइनेंस मोड में चली। जल्दिए एकरे खातिर पद बनावल जाई।

एही तरे अब ले आईटी विभाग से चले वाला एमसीए पाठ्यक्रम भी एह विभाग से अलग कइल जाई। एमसीए खातिर अलग विभाग बनावल जाई। उहवें, सिविल इंजीनियरिंग विभाग के हिस्सा इन्वायरमेंटल साइंस अउर मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के हिस्सा एनर्जी साइंस भी अलग होई। एकरे सेंटर फार एनर्जी एंड इन्वायरमेंटल साइंस बनावल जाई।

एमएमएमयूटी कुलपति प्रो. जेपी पांडेय कहनें कि विश्वविद्यालय में कई रोजगार परक पाठ्यक्रम शुरू करे के योजना बनावल गइल बा। एकरे खातिर विभागन के विकेंद्रीकरण जरुरी बा। योजना बना के ओके विश्वविद्यालय के प्रबंध बोर्ड से स्वीकृत भी करा लिहल गइल बा। विभागन के अलग कइले के बाद ओमें संचालित होखे वाले पाठ्यक्रम के निर्धारण भी कs दिहल जाई।

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