[the_ad_group id="30365"]

Same Sex Marriage: ‘समलैंगिकन से ना होखे भेदभाव’, CJI के निरदेस: लोगन के जागरुक करे पs काम करे सरकार

[the_ad_placement id="above-content"]

Share

सुप्रीम कोर्ट में समलैंगिक बियाह के कानूनी मान्यता के मांग के लेके सुनवाई जारी बा। शीर्ष न्यायालय के पांच सदस्यीय संविधान पीठ ममिला में सुनवाई कs रहल बिया। कोर्ट 10 दिनों तक सुनवाई के बाद 11 मई के एह मुद्दा पs आपन फैसला सुरक्षित रख लेले रहे।

ममिला में सुनवाई करत मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ कहलें कि शक्तियन के पृथक्करण के सिद्धांत मौलिक अधिकारन के रक्षा खातिर अदालत के तरफ से निरदेस जारी करे के रस्ता में नइखे आ सकत। अदालत कानून नइखे बना सकत बलूक खाली ओकर व्याख्या कs सकत बा आ ओकरा के प्रभावी बना सकत बा। CJI बतवलें कि ममिला के लेके चार गो फैसला बा, फैसलन में कुछ हद तक सहमति आ कुछ हद तक असहमति होला।

[the_ad_placement id="below-content"]

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
[the_ad_placement id="sidebar-1st"]
[the_ad_placement id="sidebar-2nd"]
[the_ad_placement id="sidebar-3rd"]