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स्वास्थ- स्वास्थ्य स्वस्थ बा, त सब कुछ सही बा।

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स्वास्थ्य-स्वास्थ्य स्वस्थ बा, त सब कुछ सही बा।

स्वास्थ

बिस्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार स्वास्थ्य “पूरी तरह से शारीरिक, मानसिक आ सामाजिक भलाई के स्थिति हवे आ खाली बेमारी आ कमजोरी के अभाव ना हवे”। समय के साथ अलग-अलग परिभाषा सभ के इस्तेमाल अलग-अलग मकसद खातिर कइल गइल बा (स्वास्थ्य के परिभाषा)। स्वास्थ्य के बढ़ावा देवे खातिर स्वस्थ गतिविधि सभ जइसे कि नियमित शारीरिक व्यायाम आ पर्याप्त नींद के प्रोत्साहित कइल जाला आ खराब स्वास्थ्य से जुड़ल गतिविधि आ स्थिति सभ के कम कइल आ बचल, जइसे कि धूम्रपान अधिक तनाव के घटावे के। स्वास्थ्य के प्रभावित करे वाला कुछ कारक व्यक्तिगत पसंद के कारण होला।

स्वास्थ्य के अर्थ समय के साथ विकसित भइल बा। स्वास्थ्य के शुरुआती परिभाषा शरीर के कामकाज के क्षमता पे केंद्रित रहे। पहिले स्वास्थ्य के सामान्य कामकाज के स्थिति के रूप में देखल जात रहे। स्वास्थ्य के शारीरिक आ मनोवैज्ञानिक, पारिवारिक आ सामुदायिक भूमिका, आ सामाजिक तनाव से निपटे के क्षमता के संबंध में देखल गइल बा। स्वास्थ्य के निर्धारण करे वाला कारक सभ में ब्यक्ति के पृष्ठभूमि, जीवनशैली, आर्थिक स्थिति, सामाजिक स्थिति आ अध्यात्म सामिल बाड़ें। उच्च स्तर के तनाव मानव स्वास्थ्य (Factors of Health) के प्रभावित क सकता।

स्वस्थ आहार, जवना में पर्याप्त पोषक तत्व होखे, निमन स्वास्थ्य खातीर जरूरी बा। एकरा खातिर पौधा आधारित भोजन के जानवर आधारित भोजन से बेहतर बतावल गईल बा। शारीरिक व्यायाम क के शारीरिक फिटनेस बना के राखल निमन स्वास्थ्य खातीर जरूरी मानल जाला। निमन नींद लेके स्वास्थ्य के ध्यान राखल जा सकता। नींद के कमी के चलते शरीर में कैलोरी अउरी फैट के जमाव के समस्या होखेला अउरी एकरा से बेमारी से उबर जाए में भी जादे समय लागेला (स्वास्थ्य रखरखाव)।

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