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Gorakhpur News: एमएमएमयूटी में गेस्ट फैकल्टी के मिली 50 हजार रुपिया मानदेय, बोर्ड के बैठक में लिहल गइल निर्णय

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मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में पढ़ावे वाला गेस्ट फैकल्टी के अब न्यूनतम 50 हजार रुपिया महीना मानदेय मिली। एकरा के लेके औपचारिकता पूरा कs लिहल गइल बा। बियफे के प्रबंध बोर्ड के करीब तीन घंटा तक चलल मैराथन बैठक में मानदेय समेत कइयन मुद्दन के मंजूरी मिल गइल।

एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय के अध्यक्षता में बियफे के पूर्वाह्न 11:30 बजे से प्रबंध बोर्ड के बैठक सुरू भइल। अब तक गेस्ट फैकल्टी के 30 हजार रुपिया दिहल जाये के प्रावधान बा। कम वेतन के कारण अच्छा शिक्षक नइखे मिल पा रहल। विवि प्रशासन एआईसीटीई आ यूजीसी के गाइडलाइंस के अध्ययन कइल। यूजीसी के अनुसार अधिकतम वेतन के देखत गेस्ट फैकल्टी के 50 हजार रुपिया वेतन के मंजूरी बोर्ड के बैठक में मिल गइल।

बतावल जात बा कि एमएमएमयूटी में आउटसोर्सिंग कर्मचारियन के छव कैटेगरी में बांटल गइल बा। बोर्ड के बैठक में अकुशल आउटसोर्सिंग कर्मचारियन के ओह  लोगन के अनुभव के देखत न्यूनतम 15 हजार रुपिया वेतनमान पs मुहर लाग गइल। मानल जा रहल बा कि बढ़त महंगाई के देखत ई निर्णय लिहल गइल बा।

विद्या परिषद में लिहल गइल बीटेक, एमटेक में नया कोर्स सुरू करे समेत सब मिनट्स के प्रबंध बोर्ड के बैठक में रखल गइल। उहां पास भइल सब विषयन के मंजूरी मिल गइल। वित्त समिति आ आउर समितियन में लिहल गइल निर्णयन पs मंजूरी मिलला के खबर बा।

महिला शोधार्थियन के मिली मैटरनिटी लीव

पीएचडी करे वाली महिला शोधार्थियन के विश्वविद्यालय प्रशासन बड़ राहत देले बा। यूजीसी के गाइडलाइंस के मोताबिक सब महिला शोधार्थियन के अब मैटरनिटी लीव मिली। बहुत समय से एकर मांग कइल जा रहल बा।

फर्जी छात्रन पs निर्णय एक हफ्ता में 

बीतल जनवरी महीना में जवन 40 फर्जी छात्रन के विश्वविद्यालय प्रशासन पकड़ले रहे। ओह संबंध में गठित कइल गइल उच्चस्तरीय जांच समिति के रिपोर्ट आ गइल बा। बैठक में ओकरा के रखल गइल। लीगल ओपिनियन खातिर एक हफ्ता के समय लिहल गइल बा। एह ममिला में हाईकोर्ट में 24 जुलाई के सुनवाई होखे के बा। ओकरा पहिलही विवि प्रशासन द्वारा निर्णय लेके रिपोर्ट के कोर्ट में पेश कइल जाई।

एमएमएमयूटी कुलपति प्रो० जेपी पाण्डेय कहलें कि यूजीसी के गाइडलाइंस के मोताबिक गेस्ट फैकल्टी के न्यूनतम 50 हजार के मानदेय देवे के प्रबंध बोर्ड के बैठक में मंजूरी मिल गइल बा। अकुशल कर्मचारियन के ओह लोगन के अनुभव के देखत न्यूनतम 15 हजार रुपिया मानदेय दिहल जाई। महिला शोधार्थियन के मैटरनिटी लीव दिहल जाई।

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