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गोरखपुर: एम्स में अगिले हप्ता से शुरू होई सीटी स्कैन, एमआरआई जांच, हिंद लैब के मिलल बा जांच के जिम्मेदारी

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एम्स में इलाज खातिर आए वाले मरीजन खातिर राहत भरल खबर बा। अब उनके अल्ट्रासाउंड, एमआरआई अउर सीटी स्कैन खातिर बाहर गइले के जरूरत नाइ होई। तीनों जांच अगिला सप्ताह से शुरू हो जाई। साथ ही अल्ट्रासाउंड जांच फिर से शुरू क दीहल गइल बा। ई करीब सवा साल से बंद रहल।

एम्स में बिहार, नेपाल के साथ ही पूर्वांचल के कई जिला से मरीज आवेने। पिछले साल रेडियोलॉजिस्ट के इस्तीफा के बाद अगस्त से ही अल्ट्रासाउंड जांच बंद हो गइल रहे। एकरे वजह से स्त्री प्रसूति रोग विभाग, सर्जरी, मेडिसिन विभाग के मरीजन के परेशान होखे के पड़sत रहल।

डॉक्टरन के अभाव में दू साल से एम्स के सीटी स्कैन अउर एमआरआई नाइ हो पावत रहे। जबकि, एम्स में आधुनिक मशीन लगा दीहल गइल रहे। उहवें, सवा साल से बंद अल्ट्रासाउंड संचालन के जिम्मेदारी एम्स के हिंद लैब के मिलल, जौन रेडियोलॉजिस्ट डॉ. पवन कुमार मौर्य के ज्वाइन करावल गइल। टेली रिपोर्टिंग के जरिये सीटी स्कैन अउर एमआरआई के रिपोर्ट बना के मरीजन के दीहल जाई।

एम्स मीडिया प्रभारी डॉ. मुकुल सिंह कहलें कि एम्स में सुविधा बढ़ावल जा रहल बा। अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन अउर एमआरआई जांच के जिम्मेदारी हिंद लैब के दीहल गइल बा। शनिचर के 25 मरीजन के अल्ट्रासाउंड भइल बा। रोजाना 35 से 40 मरीजन के अल्ट्रासाउंड तय कइल गइल बा। अभीन इमरजेंसी में सीटी स्कैन, एमआरआई के रिपोर्ट डॉ. पवन ही तैयार करिहें।

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