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गोरखपुर: चली महा अभियान, नाइ नजर आई कचरा के ढेर

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महा अभियान चला के शहर के 70 वार्ड से कचरा के ढेर समाप्त कइल जाई। एकरे खातिर वार्डन के संवेदनशील बिंदु (गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट) के बेहतर बना के ओके स्वच्छ बनावल जाई। एहमें नगर निगम शहरवासियन के भी सहयोग लेई।

बुध के नगर निगम स्वच्छ भारत मिशन शहरी के नोडल अधिकारी डॉ. मणि भूषण तिवारी के अध्यक्षता में बैठक भइल। बैठक में बतावल गइल कि गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट उनके कहल जाला, जहां स्थानीय निवासियन, यात्रियन चाहे राहगीरन द्वारा लगातार कचरा डारल जाला। एही चलते कचरा के ढेर लग जाला। अइसे सब स्थान के अभियान के तहत चिह्नित कइल जाई।

स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के तैयारी के दृष्टिगत नगर निगम गोरखपुर के 80 वार्ड में से 70 वार्ड में चिह्नित कs के कचरा के ढेर वाले स्थानन के खतम करी। एकरे खातिर जोनल सफाई निरीक्षकन के संगे बैठक कs के टीम तैयार कइलें। तय भइल कि कचरा के निस्तारण करवले के बाद लगातार अइसे स्थल के निरीक्षण कइल जाई। ओ स्थल पर पौधरोपण कs के सौंदर्यीकरण भी कइल जाई। ताकि अइसन स्थान पर फिर से कचरा के ढेर न लगे। एह काम में स्थानीय लोग के भी सहयोग लिहल जाई।

रउओ हिस्सा लीं स्वच्छता टेक्नोलॉजी चैलेंज में

स्वच्छता सर्वेक्षण-2023 के ले के नगर निगम तैयारी शुरू कs दिहले बा। शहर से गील अउर सूखल कचरा प्रबंधन के ले के निगम स्वच्छ इनोवेटिव टेक्नोलॉजी चैलेंज के ले के आवेदन मंगले बानें। सथही स्वच्छता प्रबंधन के ले के कौनो भी आदमी, एनजीओ, संस्था चाहे दूसरे से स्वच्छता टेक्नोलॉजी चैलेंज प्रतियोगिता में विचार मांगल बा।

प्रतियोगिता में भाग लेवे वाले प्रतिभागियन के पुरस्कृत कs के सम्मानित कइल जाई। स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के नोडल अधिकारी डॉ मणि भूषण तिवारी बतवलें कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के अन्तर्गत स्वच्छता टेक्नोलॉजी चैलेंज के तहत नगर में रहे वाले आम लोग भी कुछ विषय पर विचार भेज कs के प्रतियोगिता में पुरस्कार पा सकतनीं। प्रतियोगिता में शामिल होखे वाले प्रतिभागियन के तीन बिन्दुअन पर 50-50 शब्द में जवाब देबे के बा।

पहिला, स्वच्छ पड़ोस यानी उनकर पड़ोस केतना साफ अउर स्वच्छ बा? दूसरा, स्वास्थ्य यानी रउरे शहर में स्वास्थ्य सेवा कइसन बा? तीसरा आजीविका यानी रउरे शहर में आजीविका साधन के स्थिति का बा। एह सब पर 50 शब्द में आपन-आपन विचार भेजे के बा। एकरे अतिरिक्त वायु प्रदूषण अउर उद्योग के संगे स्टार्टअप शासन में नागरिक जुड़ाव अउर लिंग विशिष्ट पहल विषय पर भी आप आपन विचार भेज सकतनीं।

हर विषय के शब्द सीमा 50 ही रही अउर विचार भेजे के आखिरी तिथि तीन दिसंबर रखल गइल। प्रतिभागी प्रतियोगिता में अपने विचार नगर निगम गोरखपुर के वेबसाइट पs भेज सकतनीं। प्रथम पुरस्कार पावे वाले प्रतियोगियन के विचार केंद्र सरकार के भेजल जाई

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