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Nitish Cabinet: सीएम नीतीश कुमार देलें सरकारी कर्मचारियन के तोहफा, महंगाई भत्ता के तीन प्रतिशत बढ़वलें

CM Nitish Kumar
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उपचुनाव के वोटिंग के बाद मंत्रियन के विशेष बैठक बोलवलें। बैठक में सरकारी कर्मचारियन के महंगाई भत्ता के इजाफा के प्रस्ताव पs मुहर लगावे के सूचना मिल रहल बा। माने अब सरकारी कर्मियन आ पेंशनरन के महंगाई भत्ता में तीन फीसदी के बढ़न्ती हो गइल बा। एकर लाभ 1 जुलाई 2024 से मिली आ कर्मियन के तीन महीना के एरियरो मिली। एह इजाफा के बाद टोटल डीए 53% हो जाई। फिलहाल 49% महंगाई भत्ता के लाभ दिहल जा रहल बा।

एक साल में दु बेर महंगाई भत्ता में बढ़न्ती करेले सरकार

बतावल जा रहल बा कि तीन फीसदी डीए के लाभ सातवां वेतनमान के कर्मियन के मिली। राज्य में सातवां वेतनमान में लगभग छव लाख कर्मचारी बा लो। सरकारी स्कूलन में शिक्षकन के संख्या करीब पांच लाख बा, जबकि पेंशनधारियन के संख्या चार लाख बा। सरकार एक साल में दु बेर महंगाई भत्ता में बढ़न्ती करेले। ई एक जनवरी आए एक जुलाई से प्रभावित होला।

दरअसल, 16 अक्टूबर के पीएम मोदी केंद्र सरकार के कर्मचारियन के तीन फीसदी डीए के एलान कइले। एकरा बाद मानल जात रहे कि सीएम नीतीश कुमार दीपावली आ छठ से पहिले राज्यकर्मियन के डीए के लाभ देवे के एलान करिहें। 22 अक्टूबर के कैबिनेट के मीटिंगो भइल बाकिर एह प्रस्ताव पs मोहर ना लागल।

का होला महंगाई भत्ता?

महंगाई भत्ता अइसन पईसा हs जवन महंगाई बढ़े के बावजूद सरकारी कर्मचारियन के जिनगी स्तर के बना के रखे खातिर दिहल जाला। ई पईसा सरकारी कर्मचारियन, पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियन आ पेंशनधारकन के दिहल जाला।

एकर कैलकुलेशन देस के मवजूदा महंगाई के मोताबिक हर छव महीना पs कइल जाला। एकर गणना संबंधित वेतनमान के आधार पs कर्मचारियों के मूल वेतन के अनुसार कइल जाला। महंगाई भत्ता शहरी, अर्ध-शहरी भा ग्रामीण क्षेत्र के कर्मचारियन के अलग-अलग हो सकत बा।

महंगाई भत्ता के कैलकुलेशन कइसे होला?

महंगाई भत्ता निर्धारण खातिर एगो फॉर्मूला दिहल गइल बा। केंद्र सरकार के कर्मचारियन खातिर ई फॉर्मूला बा [(पिछला 12 महीना के ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के औसत – 115.76)/115.76]×100।अब जदि PSU (पब्लिक सेक्टर यूनिट्स) में काम करे वाला लोगन के महंगाई भत्ता के बात कइल जाव तs एकर कैलकुलेशन के तरीका ई बा- महंगाई भत्ता प्रतिशत= (बीतल 3 महीनन के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के औसत (बेस ईयर 2001=100)-126.33))x100

ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स का हs?

भारत में दु तरे के महंगाई होला। एगो रिटेल माने खुदरा आ दूसरका थोक महंगाई होला। रिटेल महंगाई दर आम ग्राहकन के तरफ से दिहल जाये वाला कीमतन पs आधारित होला। एकरा के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) कहल जाला।

DA के बाद केतना फायदा होई?

एकरा खातिर नीचे लिखल फॉर्मूला में आपन सैलरी भरीं..(बेसिक पे + ग्रेड पे) × DA% = DA अमाउंटआसान भाषा में समझल जाव तs बेसिक सैलरी में ग्रेड सैलरी के जोड़े के बाद जवन सैलरी बनेला, ओमे महंगाई भत्ता के दर के गुणा कइल जाला। जवन नतीजा आवेला, ओकरे के महंगाई भत्ता माने डेअरनेस अलाउंस (DA) कहल जाला।

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