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त बंद हो जाई अल्पसंख्यक वित्तीय अउरी विकास निगम, तैयार हो रहल बा प्रस्ताव

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बदहाली के दौर से गुजर रहल अल्पसंख्यक वित्तीय अउरी विकास निगम अब पूरा तरह से बंद हो सकsता। निदेशक मंडल पहिले त अल्पसंख्यक युवा लोग के रोजगार खातिर 13 साल बाद शुरू भइल शैक्षिक अउरी टर्म लोन योजना बंद कs देहलस अउरी अब निगम के ही बंद करे के प्रक्रिया शुरू हो गइल बा।

उप्र. अल्पसंख्यक वित्तीय अउरी विकास निगम, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक वित्तीय अउरी विकास निगम के स्टेट चैनलाइजिंग एजेंसी के तौर पर 1995 से कार्य कs रहल बानें। अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण खातिर निगम से संचालित होखे वाला टर्म लोन, शैक्षिक ऋण, व्यवसायिक प्रशिक्षण, वाहन ऋण, स्वयं सहायता समूह जइसन अहम योजना 2007 से ही एकदम बंद बा।

दरअसल राष्ट्रीय निगम अल्पसंख्यक योजना खातिर सूबे के राशि देहल बंद कs दिहल गइल काहेसेकि प्रदेश सरकार से एह पर गारंटी नाइ मिलत रहल। हालांकि केंद्र अउरी राज्य में भाजपा के सरकार बनले के बाद 2019 में राष्ट्रीय अउर राज्य निगम 42.61 करोड़ के योजना के संचालन पs एमओयू साइन कइले रहलें।

एह राशि से टर्म लोन, शैक्षिक ऋण, माइक्रो फाइनेंस अउर महिला समृद्घि योजना में 9917 लोग के लाभांवित कइल रहल। 2020 में टर्म लोन योजना के पहिले चरण में करीब 22 जिला के आवेदक के लाभांवित कइल गइल। बाकी जिला के आवेदक अगोरते रह गइलें। जनवरी 2022 में निगम के निदेशक मंडल बैठक कs के अचानक योजना के संचालन बंद करे के निर्णय ले के स्वीकृत राशि केंद्र के वापस भेज देहलें।

बीतल 29 जुलाई के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव अउरी निदेशक मंडल के अध्यक्ष हिमांशु कुमार के अध्यक्षता में भइल निदेशक मंडल के बइठक में निगम से संचालित योजना के प्रगति अउरी वसूली के स्थिति पर विचार कइल गइल। एह दौरान पावल गइल कि निगम के ऊपर वर्तमान में करीब 130 करोड़ देनदारी बा।

एकरे अलावा निगम के ओर से विभिन्न योजना में अब ले ऋण के रूप में करीब 128.21 करोड़ रुपया वितरण कइल गइल जेकरे सापेक्ष में 92 करोड़ रुपया के वसूली कइल जा चुकल बा। पावल गइल कि ब्याज सहित करीब 229 करोड़ के वसूली बाकी बा।

निगम के दयनीय स्थिति के देखत तय भइल कि एकर कंपनी अधिनियम 2013 के प्रावधान के अंतर्गत समापन कइलें से सम्बंधित प्रस्ताव शासन के भेजल जाई। एकरे कर्मचारियन के समायोजन के साथ, सब तरह के लेनदेन, विभिन्न वाद आदि बिंदुअन के शामिल कइल जाव। सूत्रन के मुताबिक निदेशक मंडल के बैठक में भइल निर्णय के बाद निगम के बंद करे के प्रस्ताव तैयार कइल जा रहल बा। प्रस्ताव तैयार कs के अनुमोदन खातिर शासन के भेजल जाई।

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