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Cheque Bounce Rule: चेक भइल बाउंस तs दूसरका अकाउंट से होई रकम के वसूली, सरकार लेके आ रहल बिया नया नियम!

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Cheque Bounce: देस में चेक बाउंस के बहुते ममिला बा, बाकिर अभी तक एह ममिलन में कवनो रिजल्ट नइखे निकल पाइल। अब एही ममिलन के लेके सरकार नया प्लान तइयार कर रहल बिया।

जदि केहू के चेक बाउंस भइल बा तs ना खाली ओहपर कानूनी कार्रवाई कइल जाई, बलूक व्यक्ति के दूसरका अकाउंट से पईसन के वसूली होई।

सूत्रन से मिलल जानकारी के मोताबिक, सरकार आरबीआई के संगे मिलके पूरा तइयारी कइले बा आ जल्दिये नया सिस्टम लागू कs सकत बिया। दूसरा खातन से पईसन के वसूली के सीधा मतलब ई भइल कि चेक होल्डर के हर हाल में पईसा चुकावे के होई। संगही सजा हो सकत बिया।

लोन डिफॉल्ट के नियम होई लागू

सीएनबीसी के रिपोर्ट में कहल गइल बा कि ई प्रोसेस डेवलप होखला के बाद चेक बाउंस वाला कंपनी भा व्यक्ति के क्रेडिट स्कोर बिगड़ी। एकरा अलावे, एह ममिलन खातिर लोन डिफॉल्ट के नियमो लागू होई। एसे चेक बाउंस के ममिला कम हो जाई आ खुद चेक बाउंस करे से लोग पीछे हटी।

बैठक में भइल नियम के चरचा 

आरबीआई आ सरकार एह नियम के लेके पिछला हफ्ते बैठक कइले बा। एह नियम के लेके कहल गइल बा कि एकरा आवे से चेक बाउंस होखला पs कवनो नया अकाउंट ना खुल जाई। संगही दोसरा अकाउंट से पईसन के वसूलियो होई।

चेक बाउंस में अभी केतना साल के सजा

चेक बाउंस के ममिला में 2 साल के सजा के प्रावधान बा आ आवे वाला समय में एमे बदलाव कइल जा सकत बा। पीटीआई के मोताबिक, सुप्रीम कोर्ट के एगो पैनल निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 में कुछ बदलावन के सुझाव देले रहे। बता दीं कि निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 (एनआई एक्ट) के तहत चेक बाउंस होखला पs सजा के प्रावधान बा।

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