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World Hepatitis Day 2024: मानसून में हेपेटाइटिस के खतरा बढ़ जाला, डॉक्टर एकरा से बचाव खातिर ई तीनों उपाय के सुझाव देले

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हेपेटाइटिस एगो संक्रामक बेमारी हs जवन लिवर के गंभीर रूप से प्रभावित करेला। मानसून के दिन में एकर खतरा अउरी बढ़ जाला। बरसात के मौसम में दूषित पानी आ भोजन के सेवन के चलते हेपेटाइटिस संक्रमण के भारी संख्या में मामिला सामने आइल बा। हेपेटाइटिस के समस्या के चलते लिवर में सूजन होखेला। संक्रमित लोग में लिवर के नुकसान, लिवर फेलियर, सिरोसिस, लिवर कैंसर भा मौत तक के खतरा हो सकता।

विश्व हेपेटाइटिस दिवस हर साल 28 जुलाई के मनावल जाला जवना के मकसद बा कि हेपेटाइटिस के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ावल जाव आ लोग के एह बेमारी से बचाव के बारे में जानकारी दिहल जाव।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ के कहनाम बा कि ए गंभीर संक्रामक बेमारी के रोके खातीर सब लोग के लगातार प्रयास करे के जरूरत बा। स्वच्छता के कमी आ खानपान के आदत के लेके लापरवाही के चलते एकर खतरा बढ़ जाला।

बतावल जाव कि बरसात के दिन में हेपेटाइटिस से बचाव खातिर कवन उपाय कइल जरूरी बा?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ का कहत बाड़े?

लखनऊ के एगो अस्पताल के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ नरेश माधव बतावत बाड़े कि, मानसून के समय पाचन से जुड़ल बहुत बेमारी के खतरा बढ़ा देवेला। हेपेटाइटिस संक्रमण के खतरा भी काफी बढ़ जाला। हालांकि टीकाकरण अभियान के चलते एकरा में कमी आइल बा, बाकी अभी भी हर साल भारी संख्या में लोग के ए संक्रामक बेमारी के पता चलता।

हेपेटाइटिस के मतलब होला लिवर के सूजन, जदी समय रहते एकर देखभाल ना कइल गइल तs बहुत गंभीर समस्या के खतरा हो सकता। एकरा अलावे बरसात के मौसम में पेट के संक्रमण भी आम बा। एकरा चलते पेट में दर्द आ मतली के संगे-संगे पेचिश आ दस्त जइसन समस्या हो सकता।

मानसून के दौरान पानी के प्रदूषण एगो आम समस्या होला, खासतौर पर अइसन इलाका सभ में जहाँ बाढ़ आवे ला, एकर खतरा बढ़ जाला, जेकरा चलते हेपेटाइटिस हो सके ला।

1. खाली साफ पानी पीये के चाहीं

हमेशा उबले भा छानल पानी पीये के चाहीं। घर में पानी प्यूरीफायर के इस्तेमाल करीं। यात्रा करत घरी पानी के बोतल खुद लेके चलीं।

खाली साफ आ बढ़िया से पकावल खाना साफ पानी से बना के खाईं। सड़क के खाना खाए से परहेज करीं। कच्चा सलाद के सेवन तबे करीं जब फल आ सब्जी ठीक से धो के छिलल होखे।

2. साफ-सफाई के ध्यान राखल जरूरी बा

अशुद्धि के हेपेटाइटिस ए आ ई जइसन संक्रमण के मुख्य कारण मानल जाला। बरखा होखे भा कवनो मौसम, हाथ के स्वच्छता बहुत जरूरी बा। खाना खाए से पहिले, शौचालय के इस्तेमाल कइला के बाद आ संभावित दूषित सतह के छूला के बाद हाथ के साबुन अउरी पानी से बढ़िया से धो लीं। मुंह के बार-बार छूवे से बचे के चाहीं। हाथ के स्वच्छता के ध्यान राखला से हेपेटाइटिस के खतरा बहुत कम कइल जा सकता।

 3. हेपेटाइटिस से बचाव खातिर टीकाकरण 

कुछ प्रकार के टीका एह संक्रामक बेमारी के खिलाफ बहुत कारगर साबित भइल बा। हेपेटाइटिस ए आ बी के टीकाकरण के बारे में अपना डॉक्टर से पूछीं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सब नवजात शिशु के हेपेटाइटिस बी के टीका लगावे के सलाह देवेले। आमतौर पर बचपन के पहिला 6 महीना में तीन गो टीका दिहल जाला। हेपेटाइटिस बी के टीकाकरण से भी हेपेटाइटिस डी से बचाव हो सकेला।

टीकाकरण से संक्रमण से बचाव हो सके ला आ संक्रमण के स्थिति में गंभीर बेमारी के खतरा काफी कम हो सके ला।

 

नोट: ई लेख मेडिकल रिपोर्ट से एकट्ठा कइल जानकारी के आधार पर तइयार कइल गइल बा। 

 

अस्वीकरण : खबर भोजपुरी के स्वास्थ्य आ फिटनेस श्रेणी में प्रकाशित सगरी लेख डाक्टर, विशेषज्ञ आ शैक्षणिक संस्थानन से बातचीत के आधार पर तइयार कइल गइल बा। एह लेख के तइयारी करत घरी सगरी निर्देशन के पालन कइल गइल बा। एह से जुड़ल लेख पाठक के जानकारी आ जागरूकता बढ़ावे खातिर तइयार कइल गइल बा। खबर भोजपुरी लेख में दिहल जानकारी आ जानकारी के लेके कवनो दावा ना करेला आ ना ही कवनो जिम्मेदारी लेवेला। उपर के लेख में बतावल गइल संबंधित बेमारी के बारे में अधिक जानकारी खातिर अपना डॉक्टर से सलाह लीं।

 

 

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