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USA: ‘जब हम दोस्ती के बारे में सोचेनी,तऽ ओमें भारत सबसे ऊपर होला’

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अमेरिकी सरकार के एगो शीर्ष अधिकारी कहले बाड़न कि अमेरिका भारत के साथे मिल के स्वास्थ्य, स्वच्छ ऊर्जा आ जलवायु परिवर्तन समेत बड़हन वैश्विक समस्या के समाधान करे के इच्छुक बा। संगही भारत से अमेरिका के संबंध पs उऽ कहले कि जबो हमनी के दोस्ती के बारे में सोचेनी तऽ दोस्त के सूची में भारत के नांव सबसे ऊपर आवेला। अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय विकास वित्त निगम (डीएफसी) के डिप्टी सीईओ निशा देसाई बिसवाल के इ टिप्पणी उनका भारत यात्रा से पहिले आइल बा। अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय विकास वित्त निगम अमेरिका के एगो विकास वित्त संस्थान आ एजेंसी हवे।

वैश्विक समस्या के समाधान में भारत के अहम भूमिका

बिस्वाल कहले कि, ‘इ बात एह बारे में नईखे कि भारत के कवना तरह के मदद के जरूरत बा, बलुक इ बात बा कि अमेरिका आ भारत मिल के समस्या के समाधान कइसे क सकऽता।’ चार साल में बिस्वाल के इ पहिला भारत यात्रा हऽ। बिस्वर के चार दिन के भारत यात्रा मंगर से शुरू होई। बिस्वाल कहले कि बहुत क्षेत्र बा जहां दुनो देश मिल के काम कर सकऽतारे, जइसे कि जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग आ ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन पs नियंत्रण, स्वच्छ ऊर्जा के बढ़ावा दिहल आ स्वास्थ्य चुनौती से निपटे के काम कइल जा सकता।

बिस्वाल कहले कि भारत महामारी के रोके में खाली साझेदार नइखे, बलुक टीका के आपूर्ति आ वैश्विक स्तर पs महामारी के नियंत्रित करे में मदद करे में बहुत अहम भूमिका निभवले बा। उऽ कहले कि बाइडेन प्रशासन के दौरान डीएफसी भारत में भारी निवेश कइले बिया। ‘भारत हमनी के सबसे बड़ देश ह, जवना में डीएफसी निवेश करऽता।’ हमरा लागता कि भारत में हमनी के 3.8 अरब डॉलर से अधिका के सक्रिय परियोजना बा। एमें से 2.5 अरब डॉलर बाइडेन प्रशासन के ओर से भारत के बुनियादी ढांचा, निर्माण, स्वास्थ्य आ टीका निर्माण में आर्थिक विकास के समर्थन खातिर दिहल गइल बा।

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