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यूपी राजनीति : यूपी में आपन फैसला से भाजपा एक बार फेरू हैरान कइलस, दांव चलल त अखिलेश यादव के बढ़ जाइ मुसीबत

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यूपी राजनीति : यूपी में आपन फैसला से भाजपा एक बार फेरू हैरान कइलस, दांव चलल त अखिलेश यादव के बढ़ जाइ मुसीबत

लोकसभा चुनाव 2024 : लोकसभा चुनाव से पहिले भारतीय जनता पार्टी विधान परिषद के 6 सदस्य के सदन में भेज के बड़ दांव लगा देले बिया। विधान परिषद में नामांकन के माध्यम से भाजपा नागरिक निकाय से लेके लोकसभा चुनाव तक के चुनावी मैदान तैयार कईले बिया। भाजपा सरकार उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्यन के छह गो नाम दिहले बिया जवना के राज्यपाल नामित करीहें जवना में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर आ प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव नृपेन्द्र मिश्रा के बेटा के नाम शामिल बा| एकरा अलावे रजनीकांत महेश्वरी, लालजी निर्मल, रामसूरत राजभर अवुरी हंसराज विश्वकर्मा के नामांकन भईल बा।

विधान परिषद (एमएलसी) खातिर नामित सदस्यन के खाली छह सीट पे एक ब्राह्मण, एक वैश्य, एक मुसलमान, एक अनुसूचित आ दू गो पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधियन के नामांकन कइल गइल बा| अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति के नाम से सभका हैरान क देले बा। भाजपा से मिलल जानकारी के मुताबिक साकेत मिश्रा निवेश बैंकर, नीति योगदान देवे वाला अउरी पूर्वांचल विकास बोर्ड के सलाहकार हवे। इ इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, कलकत्ता अउरी सेंट स्टीफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र बाड़े।

प्रोफेसर तारिक मंसूर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति हउवें| एकरा से पहिले उ जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल के प्रिंसिपल के रूप में काम कईले रहले। वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक प्रसुन पाण्डेय के कहना बा कि तारिक मंसूर के माध्यम से भाजपा मुसलमानन के बीच आपन पकड़ बनावे के कोशिश कइले बिया जबकि लालजी प्रसाद निर्मल दलित वर्ग से आवेलें, हंसराज विश्वकर्मा आ रामसूरत राजभर दोसरा पिछड़ा वर्ग से आवेलें| साकेत मिश्र ब्राह्मण हवें आ रजनीकांत महेश्वरी वैश समुदाय के हवें। ए लोग के माध्यम से भाजपा जाति अउरी सामाजिक समीकरण बनावे के पूरा कोशिश कईले बिया।

भाजपा के नजर पूर्वांचल के बड़े ब्राह्मण वोट बैंक पे बा

एकरा संगे विधान परिषद से साकेत मिश्रा के भेज के भाजपा के नजर पूर्वांचल के बड़ ब्राह्मण वोट बैंक पे बा। शिवप्रताप शुक्ला, कलराज मिश्रा जईसन दिग्गज नेता के राज्यपाल बनला अउरी सक्रिय राजनीति से दूर रहला के बाद भाजपा युवा बड़ ब्राह्मण चेहरा के तलाश में बिया। साकेत मिश्रा के परिवार श्रावस्ती से लेके देवरिया तक प्रभावशाली रहल बा। पूर्वांचल में पूरा ताकत फेंके वाली भाजपा ब्राह्मण वोट बैंक के लेके कवनो जोखिम नईखे उठावल चाहत।

फिलहाल 100 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधान परिषद में भाजपा के 74 सदस्य बाड़े, जबकि मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के 9 सदस्य बहुजन समाज पार्टी (बसपा), अपना दल (सोनेलाल), निर्बल भारतीय शोषित हमारा आम दल ( निषाद), जनसत्ता दल लोकतांत्रिक आ शिक्षाक दल (गैर-राजनीतिक) के एक-एक सदस्य बा। एकरा अलावे स्वतंत्र समूह अउरी निर्दलीय के दु-दु सदस्य होखेला। फिलहाल आठ सीट खाली रहे जवना में से छह सीट के नामांकन के बाद मात्र दु सीट खाली बा।

 

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