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बिजनौर से गोरखपुर चिड़ियाघर पहुंचले दु आदमखोर तेंदुआ, दुनु के चल रहल बा इलाज

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गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में दू गो नया मेहमान आइल बाड़े। हालांकि, अबे ले इ तय नईखे भईल कि बिजनौर से आईल दुनो आदमी खाए वाला तेंदुआ के जंगल में छोड़ल जाई कि चिड़ियाघर में राखल जाई। फिलहाल दुनो के इहाँ के एनिमल अस्पताल में राखल जाई, जहां दुनो के इलाज होई। ठीक होखला के बाद फैसला होई कि उच्च अधिकारी के निर्देश पs जंगल में छोड़ल जाई कि चिड़ियाघर में राखल जाई।

एह दुनो के संगे अब जूलॉजिकल पार्क के एनिमल अस्पताल में इलाज के तहत तेंदुआ के संख्या बढ़ के 5 हो गईल बा। अस्पताल में दू गो तेंदुआ के बच्चा आ एगो वयस्क के इलाज पहिलहीं से चलत बा। एह सब के साथे अब चिड़ियाघर में तेंदुआ के संख्या बढ़ के 8 हो गइल बा। आगंतुक लोग खातिर बाड़े में 3 तेंदुआ रखल गईल बा।

 तेंदुआ से 13 लोग के मउत हो चुकल बा जूलॉजिकल पार्क के निदेशक डॉ. मनोज कुमार शुक्ला बतवले कि, बिजनौर के दुनो तेंदुआ वयस्क बाड़े अवुरी गंभीर रूप से घाही बाड़े। एह लोग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव के निर्देश पs ले आवल गइल बा। बिजनौर में तेंदुआ हमला के अलग-अलग घटना में पछिला कुछ महीना में तेरह लोग के जान गंवा चुकल बा।

एगो तेंदुआ भी गंभीर रूप से घायल हो गईल

जूलॉजिकल पार्क के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह बतवले कि, अस्पताल पहुंचल दुनो तेंदुआ में से एगो तेंदुआ गंभीर रूप से घाही बा। ओके बहुत चोट लागल बा। दोसरका पिंजरा से बाहर निकले के कोशिश में देवाल से टकरा के गंभीर रूप से घायल हो जाला। फिलहाल तेंदुआ के इलाज हो रहल बा।

दुनो तेंदुआ 60 घंटा से कुछ ना खईले। एकर कारण चोट बतावल जाता। जंगली होखला के नाते अगर केहू ओह लोग के लगे जात बा त दुनु भड़क जा ताने। इनहन के अलग-अलग पिंजरा में रखल जाता।

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