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झारखंड हाईकोर्ट के दू गो अलग -अलग आदेश एके मामिला में , नाराजगी जतवलस सुप्रीम कोर्ट

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रांची : एकही मामला में आरोपी के जमानत देवे में झारखंड हाईकोर्ट के अलग-अलग आदेश पे सुप्रीम कोर्ट नाराजगी जतवलस। देश के शीर्ष अदालत अपना आदेश में कहले बिया कि झारखंड हाईकोर्ट से अयीसन एगो आ मामला पेश भईल बा, जवना में एक आरोपी के जमानत मिल गईल बा, जबकि एही प्राथमिकी में दूसरा आरोपी के जमानत से इनकार क दिहल गईल बा। कोर्ट कहलस कि एकही मामला में परस्पर विरोधी आदेश दिहल उचित नईखे। सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस बी.आर. कोर्ट कहलस कि एके अदालत में एकही मामला के सुनवाई उचित बा। कई गो हाई कोर्ट में ई सिस्टम लागू भइल बा। एहसे परस्पर विरोधी आदेश से बचावल जा सकेला।

 

हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से कहलन कि आदेश के कॉपी भेजल जाव

कोर्ट झारखंड हाईकोर्ट के महारजिस्ट्रार से कहले बिया कि एह आदेश के कॉपी भेजल जाव। महारजिस्ट्रार से कहल गइल बा कि ऊ एकरा के झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के सोझा पेश करस, जेहसे कि ऊ एह पर उचित निर्देश जारी क सकस। सुजीत कुमार मेहता ए मामला में सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कईले रहले। एही प्राथमिकी में कहल गईल रहे कि झारखंड हाईकोर्ट के एकल अदालत सह आरोपी के जमानत दे देले बिया, जबकि उनुकर जमानत याचिका खारिज क दिहल गईल बा।

 

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