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अनशन पर पहुंचलें शिक्षक छात्र, प्रोफेसर कमलेश के दिहलें समर्थन

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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के निलंबित आचार्य प्रोफ़ेसर कमलेश गुप्ता द्वारा दिनांक 5 नवंबर से आरंभ आमरण अनशन आज दूसरे दिन भी जारी रहल। हालांकि प्रोफेसर कमलेश दूसरे दिन तनी अस्वस्थ नजर अइलें, प्रोफेसर कमलेश कहलें कि हमनीके अनशन दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेश सिंह के अलोकतांत्रिक निर्णय पद्धति,विधि विरुद्ध निर्णय अउर विश्वविद्यालय के प्रत्येक हितधारक के विरुद्ध कार्य पद्धति के कारण कौनो प्रकार के सुनवाई नाइ होखले के विरुद्ध बा।

आमरण अनशन के दूसरे दिन विश्वविद्यालय से संबद्ध अनेक महाविद्यालयन के कई शिक्षक,गुआक्टा के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर के डी तिवारी अउर सचिव डा.डी के सिंह सहित अन्य पदाधिकारी अउर शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित भइलें।

प्रोफेसर के डी तिवारी कहलें कि विश्वविद्यालय के हर शिक्षक,छात्र प्रबंधक आजु कुलपति जी के के अराजक व्यवहार अउर व्यक्तित्व से त्रस्त बानें। गुआक्टा के सचिव कहलें कि अगर समय रहते कुलपति के अराजक पूर्ण व्यवहार अउर कार्यपद्धति के विरोध भइल रsहित त ई स्थिति नाइ आइल रsहित।

अनशन स्थल पर प्रोफ़ेसर चित्तरंजन मिश्र, पूर्व अध्यक्ष शिक्षक संघ गोरखपुर विश्वविद्यालय कहलें कि शिक्षकन के जागरूकता ही आजु के अउर भविष्य के अइसन अभूतपूर्व परिस्थिति से विश्वविद्यालय के बचा सकsता।

श्री अरुण ब्रह्मचारी जी,भारत बचाओ, संविधान बचाओ के संयोजक विश्वविद्यालय अउर महाविद्यालयों के शिक्षकन के एकजुट हो के बदलल परिस्थितियन के सामना करे खातिर आह्वान कइलें।

विश्वविद्यालय के नियंता कार्यालय के विरोध के बावजूद सैकड़न छात्र छात्रा प्रोफ़ेसर कमलेश गुप्ता से मिले पहुंचलें अउर उनके स्वास्थ्य के हाल जनलें। गिरत स्वास्थ्य पर गहिराह चिंता व्यक्त कइलें अउर विश्वविद्यालय प्रशासन के असंवेदनशीलता पर दुख व्यक्त कइलें। देर साँझ ले प्रोफेसर कमलेश के अनशन जारी रहल, आजु दूसरे दिन विश्वविद्यालय अउर प्रशासन के कौनो प्रतिनिधि प्रोफेसर कमलेश से मिले नाइ आइल।

विश्वविद्यालय प्रशासन पहिलही दिन सख्त रुख अख्तियार कइले रहे। इन्टेलेक्चुएल फोरम प्रोफेसर कमलेश के आचरण, अनशन के निंदा कइले रहे। जेपर प्रोफेसर कमलेश फेसबुक पोस्ट लिख के कहलें कि ई कइसन इन्टेलेक्चुएल फोरम जेमें केहू के नमवे नइखे।

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