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Tea Production: खराब मौसम के चलते चाय के उत्पादन घटल; बढ़ सकऽता कीमत

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भारतीय चाय संघ के आंकड़ा के मुताबिक देश में चाय के उत्पादन में 2024 में काफी गिरावट आवे वाला बा। असम में चाय उत्पादन में 11 प्रतिशत के गिरावट दर्ज भइल। जुलाई तक पश्चिम बंगाल में चाय के उत्पादन में 21 प्रतिशत के कमी आइल बा। एसोसिएशन एह गिरावट के कारण मई में बरखा के कमी आ बेहद गर्मी बतवले बा। एकरा बाद जून आ जुलाई में जादा बरखा भइल, जवना के चलते चालू मौसम में फसल के उत्पादन में बाधा आइल।

एसोसिएशन कहलस कि, मई तक बरखा ना होखल आ बेहद गर्मी फेर जून-जुलाई में जादे बरखा के चलते उत्तर भारतीय चाय उद्योग के उत्पादन के आंकड़ा अनिश्चित इस्थिति में बा। संघ के मुताबिक, पश्चिम बंगाल आ असम दुनो जगह चाय के कमजोर करेवाला कीट आ बेमारी के भयंकर आक्रमण के चलते इस्थिति अउरी खराब हो गइल बा। एसोसिएशन एह बात पर प्रकाश डललस कि एहसे आवे वाला महीना में फसल के अउरी नुकसान हो सकेला।

एसोसिएशन से जुड़ल चाय बागान के रिपोर्ट बतावत बा कि अगस्त ले पश्चिम बंगाल में चाय के उत्पादन करीब दस फीसदी कम होखे के उमेद बा। अगस्त 2024 तक असम के बागान पछिला साल के मुक़ाबले करीब 3 प्रतिशत पीछे रह सकऽता। समय से पहिले परिचालन बंद होखल आ 2024 में 16 करोड़ 17 करोड़ किलो चाय के अनुमानित नुकसानो चिंता के कारण बा।

संघ के कहनाम बा कि उत्तर भारतीय चाय के दाम में 13 प्रतिशत के बढ़ोतरी भइल बा, बाकिर इ बढ़ोतरी उत्पादन में आइल गिरावट के भरपाई करे खातिर पर्याप्त नइखे। उत्तर बंगाल में फसल के 21 प्रतिशत के नुकसान भइल बाकिर दाम में मात्र 7 प्रतिशत के बढ़ोतरी भइल। जबकि असम में उत्पादन में 11 प्रतिशत के गिरावट अवुरी दाम में 15 प्रतिशत के बढ़ोतरी भइल। संघ कहलस कि, “उत्पादन में गिरावट के चलते उत्तर भारत में औसतन करीब 13 प्रतिशत के दाम में बढ़ोतरी दर्ज भइल बा। हालांकि दाम में इ बढ़ोतरी उत्पादन के नुकसान के अनुपात में नइखे।”

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