[the_ad_group id="30365"]

1.2 लाख करोड़ के टैक्स चोरी आ 59,000 फर्जी कंपनी…. जानीं का कर रहलऽ बिया सरकार

[the_ad_placement id="above-content"]

Share

देश में जीएसटी चोरी करेवाला लोग के खिलाफ सरकार अभियान शुरू कइले बिया। जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) के 2020 से 1.2 लाख करोड़ रुपया के टैक्स चोरी के पता चलल बा।

देश में 1 जुलाई 2017 के जीएसटी लागू भइल रहे। जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) के 2020 से 1.2 लाख करोड़ रुपया के टैक्स चोरी के पता चलल बा। एकरा अलावे 59 हजार फर्जी कंपनियो के पकड़ल गइल बा। ओकरा खिलाफ जाँच चलत बा। डीजीजीआई 170 लोग के पकड़ लेले बा जे धोखाधड़ी से इनपुट क्रेडिट टैक्स के फायदा उठावत रहले। वित्त मंत्रालय एगो बयान जारी कऽ के कहलस कि कर चोरी करेवाला लोग के पहचान करे आ ओ लोग के मास्टरमाइंड के पकड़े खातिर देश भर में एगो विशेष अभियान चलावल जाता। केंद्र अउरी राज्य सरकार देश भर में फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन के पता लगावे खातिर विशेष अभियान शुरू कइले बिया।

दू महीना तक चले वाला ई अभियान 16 अगस्त से शुरू भइल रहे। एकर मकसद संदिग्ध अउरी फर्जी जीएसटीआईएन के पहचान कइल, कंपनी के सत्यापन आ फर्जी बिल देवे वाला के जीएसटी इकोसिस्टम से हटावे के उपाय कइल शामिल बा। राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा जीएसटी प्रवर्तन प्रमुखन के राष्ट्रीय सम्मेलन के संबोधित करत कहले कि अनुपालन कार्रवाई आ कारोबार में आसानी के बीच संतुलन बनावे के जरूरत बा। उऽ कहले कि फर्जी पंजीकरण के खिलाफ जारी विशेष अभियान में फर्जी आईटीसी के मास्टरमाइंड आ लाभार्थी के खिलाफ कड़ा कार्रवाई के जरूरत बा।

के – के भाग लेलस

मल्होत्रा कहले कि जीएसटी रिटर्न में हाल में लागू भइल बदलाव से जीएसटी चोरी के पता लगावे में मदद मिली। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर आ सीमा शुल्क बोर्ड के अध्यक्ष संजय अग्रवाल जीएसटी प्रणाली के बेहतर तरीका से लागू करे खातिर प्रवर्तन एजेंसियन से कर चोरी करे वालन से आगे के सोंचे राखे के सलाह देले। एह सम्मेलन में राजस्व विभाग, सीबीआईसी, वाणिज्यिक कर आयुक्त, जीएसटी प्रवर्तन राज्य प्रमुख आ जीएसटीएन के सीईओ समेत अउरी लोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल भइले। सीबीडीटी, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई), वित्त खुफिया इकाई आ केंद्रीय आर्थिक खुफिया ब्यूरो (सीईआईबी) जइसन विभाग के अधिकारियो भाग लेले।

[the_ad_placement id="below-content"]

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
[the_ad_placement id="sidebar-1st"]
[the_ad_placement id="sidebar-2nd"]
[the_ad_placement id="sidebar-3rd"]