गहिराह संवेदना आ मूल्यन के संगे “धम्मम् शरणम्” के भइल मंचन 

khabar Bhojpuri Desk

प्रतिष्ठित नाट्य संस्था रूपांतर गोरखपुर के तरफ से हिन्दी विभाग दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सहजोग से ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पs आधारित नाटक धम्मम् शरणम् के मंचन विश्वविद्यालय के संवाद भवन में कइल गइल। वरिष्ठ रंगकर्मी निशीकांत पाण्डेय द्वारा लिखित आ निर्देशित ई नाटक वैशाली के नगरवधू नाम से विख्यात आम्रपाली नामक गणिका के जिनगी पs आधारित बा।

रूपांतर के ओर से प्रस्तुत मौलिक नाटकन के कड़ी में ‘चम्पारण ने कहा है’ आ ‘कहत भिखारी’ के बाद ई तीसरका नाटक के प्रस्तुति हs। एह नाटक में वैशाली के गणतंत्र के एकता बना के रखे खातिर सहर्ष गणिका बनल स्वीकार कइले रहली। आम्रपाली प्रबुद्ध आ उच्च मानवीय मूल्यन से सम्पन्न स्त्री रहे जवन जिनगी के सुरुआत से महात्मा बुद्ध से प्रभावित रहे। बुद्ध द्वारा दीक्षित ऊ पहिला महिला रहली जवन विधिवत बौद्ध संघ में प्रवेश पवली।

आम्रपाली के भूमिका नवहा रंगकर्मी ऋतिका निभवली आ दर्शकन के प्रभावित कइली। आम्रपाली के भाव भंगिमा के परिस्थितियन के मोताबिक प्रस्तुत करत ऋतिका संवाद के एगो परिपक्व रंगकर्मी के तरे प्रस्तुत कइली। जवना से प्रस्तुति बेहतरीन बनल। उनका संगे अलग-अलग दृश्यन में सृष्टि दुबे (बल्लरी), अंजनालाल (सर्वप्रिया), आलोक सिंह राजपूत (सिद्धार्थ), सतीश चन्द्र श्रीवास्तव (राजा) तआ आदित्य राजन (भिक्षुक) प्रभावशाली अभिनय कइल लो। अमात्य के भूमिका में सुमित सिंह आ आउर अलग-अलग भूमिकन में समय-समय पs मंच पs उपस्थित पवन कुमार, हर्ष कुमार मौर्य, प्रदीप सिंह, ह्ररिकेश कुमार पाण्डेय न्याय कइल लो आ नाटक में तनाव के बना के रखल लो।

नवहा आम्रपाली के भूमिका में निकिता श्रीवास्तव रहलीं। वरिष्ठ आ नवोदित रंगकर्मियन से तइयार ई टीम नाटक में आकर्षण के निरन्तरता बनवले रखले। एह नाटक के एगो आउर खासियत बेहतरीन संगीत आ गीत रहे जवना से शगुन श्रीवास्तव आ पवन कुमार संयोजित कइले रहे लो।

प्रकाश बेवस्था वरिष्ठ रंगकर्मी सुनील जायसवाल द्वारा निर्देशित कइल गइल। प्रस्तुति में रवि प्रताप सिंह, डॉ० नित्यानंद श्रीवास्तव, दुर्गेश पाण्डेय, जितेन्द्र पाण्डेय, सृष्टि गौड़, देवयानी आ अपर्णेश मिश्र के महत्वपूर्ण सहजोग रहे।

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