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Special story : ईंहों के जानी, ईंहों के पहचानी : बहुमुखी प्रतिभा के धनी ‘सोनू हनी’

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खबर भोजपुरी रउरा सभे के सोझा एगो सेगमेंट लेके आइल बा….एह कड़ी में आजू आईं जानल जाव एगो बेहतरीन भोजपुरिया कलाकार, गीतकार, लेखक ‘सोनू हनी’ के बारे में…

सोनू हनी के जनम 22 june 1998 में बिहार के पूरबी चंपारण में फुलतकीया (केसरिया) में भइल। बाबू जी अखिलेश तिवारी आ माई सीमा तिवारी के लाल आज बिहार में भोजपुरिया समाज में आपन कलाकारी से एगो अलगे मिसाल कायम कs देले बाड़े।

अबकी भोजपुरिया माटी से सनाइल अइसन कलाकार रउवा सब के सोझा बाड़े जे प्रमाणित करे ले की कला के कवनो बाधा ना रोक सकेला आ संसाधन रहो ना रहो कलाकार अपना के पानी जस धार बना के हर चुनौतियन से चिरत मूरत आपन कलाकारी दिखावे खातीर निकल जाला।

जहां भोजपुरी सिनेमा के नाव आवते लोग भौं सिकोड़े लागेला,सोनू ऊहे कीचड़ जस उद्योग में कमल के फूल जस खिलले।भोजपुरी गाना, अदाकारी ,शॉर्ट फिल्म,डायरेक्शन, सोनू के हर रंग के उनकर प्रसंक लोग खूब सराहे ले। बिहार के छोट से गांव में रहे वाला लइका जेकरा पास कवनो संसाधन ना रहे मोबाइल से शूट कs के उs वइसन परिस्थिति में “बर्बाद कर गइल ” जइसन भोजपुरी गीत लेआ के हिट कs देले इs वाकई प्रेरणादायक बा।

सोनू अपना क्रिएटिविटी के कारन हमेशा चरचा में रहले। आ सबसे बड़ खासियत की उs आपन कला के जरिए समाज के संवेदनशील मुद्दा के उठावत रहले। उनकर सिनेमा ‘मेस्तर ‘ एकर साक्ष्य प्रमाण बा। सोनू के अभिनय देख दर्शक अपना के रोए से रोक ना पवले।

अबे हाले में आइल प्रेम युग गीत भी खूब परेम बटोरलस। भोजपुरिया सिनेमा में एतना सुथर आ बढ़हन, निमन काम लियावे खातीर सब भोजपुरिया समाज आभारी रही।

 

 

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