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एह मिठाई के खाइल ना, पियल जाला… मुंह में घुलतही मन आ शरीर हो जाला कूल-कूल, खरीदारन के लागेला भीड़

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बाजार में कइयन तरे के मिठाई उपलब्ध बा, बाकिर आज हम एगो अइसन मिठाई के बात करेमे जवना के खाइल ना जाला बलुक पियल जाला। एह मिठाई के पियला से कलेजा के ठंडक मिलेला। बता दीं कि गुलाब जल, गुलाब के पंखुड़ी, केवड़ा, चन्दन इत्यादि फायदेमंद चीजन के मिलाके एह मिठाई के बनावल जाला।

हम बात कs रहल बानी बलिया में मिले वाला गुलाब सकरी के। ई मिठाई स्वास्थ खातिर लाभकारी मानल जाला। बहुत दूर-दूर से लोग आके एह मिठाई के स्वाद के आनंद लेला। दुकानदार अरुण कुमार बतवलें कि ई दुकान 70 साल से जादे पुरान बा। ई मिठाई खाये खातिर ना बलुक पीये खातिर बनावल जाला। एकरा स्वाद के आनंद जे केहू लेलस ऊ एकर दीवाना हो गइल। संगही ऊ बतवलें कि ई स्वास्थ खातिर बहुते लाभप्रद होला। दुकानदार मोताबिक, एह मिठाई के एक पीस के पानी से भरल गिलास में डालल जाला आ ई यह कुछे देर में घुल जाला। एकरा बाद एकरा के पियला से मन आ शरीर कूल हो जाला।

कइसे बनेला ई मशहूर मिठाई

एह मिठाई के बनावे खातिर केवड़ा, केवड़ा जल, गुलाब के पंखुड़ी, गुलाब जल आ चन्दन के संगे तमाम सामग्रियन के मिलाके पहिले चाशनी में डालके रिफाइन कइल जाला। एह दौरान एगो तय टेंपरेचर पs कुछ समय रखल जाला। ओकरा बाद लकड़ी के डंटा से पीटल जाला। एसे ऊ बुरादा के रूप में आ जाला। एह प्रकार से बहुते मेहनत आ समय के बाद ई मिठाई एगो आकार लवेले।

जानीं का बा मिठाई के कीमत?

ई मिठाई दु क्वालिटी में तइयार होला। एकरे आधार पs एकर कीमत तय होला। एगो मिठाई 300 रुपये प्रति किलो मिलेला, तs दूसरका मिठाई के रेट 360 रुपिया किलो बा। हालांकि दुनये मिठाई के किने खातिर लोगन के भीड़ लागल रहेला।

कइसे पहुंचल जाई एह दुकान पs 

बलिया जनपद मुख्यालय से लगभग 36 किलोमीटर दूर सिकंदरपुर थाना के लगे मां जल्पा कल्पा स्थान के बगल में कैलाश मिष्ठान भंडार आ जलपान गृह बा। एह दुकान पs गुलाब सकरी मिठाई मिलेला। रउआ इहां आके एह अनोखा आ स्वादिष्ट मिठाई के आनंद ले सकत बानी।

साभार: न्यूज 18

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