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प्रोफेसर रामदरश राय के कइल गइल भाषापुरुष सम्मान से अलंकृत

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आजु विश्वविद्यालय के संवाद भवन में विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त हिन्दी-आचार्य अउर अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर रामदरश राय के भाषापुरुष सम्मान से अलंकृत कइल गइल अउर डॉ फूलचन्द प्रसाद गुप्त अउर डॉ संजयन त्रिपाठी के सम्पादित मानग्रन्थ ‘भाषाप्रहरी’ के लोकार्पण भव्य समारोह में भइल।

कार्यक्रम के शुभारम्भ अतिथियन के माता सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन अउर पुष्पार्पण से भइल। श्वेता श्रीवास्तव, श्वेता सिंह अउर डॉ प्रियंका  वाणी-वन्दना अउर स्वागत गीत प्रस्तुत कइली।

भाषाविद् आचार्य रामदरश राय के अकादमिक व्यक्तित्व अउर कृतित्व पर केन्द्रित अभिनन्दन ग्रन्थ भाषाप्रहरी के लोकार्पण के अवसर पर अध्यक्षीय उद्बोधन करत  कुलपति प्रो राजेश सिंह कहने कि आचार्य रामदरश राय के सम्पूर्ण व्यक्तित्व पर केन्द्रित मानग्रन्थ भाषाप्रहरी उनके शिष्यमण्डल के प्रदत्त शरधाभरल गुरुदक्षिणा बा। एगो मानग्रन्थ के रूप में अपने गुरु के महिमा के गुणगान गुरु-शिष्य के रिश्ता को अउर अधिक प्रगाढ़ करी अउर गुरु-शिष्य के स्नेहिल परम्परा के आगे बढ़वले में सहायक सिद्ध होई।

मुख्य अतिथि के रूप में विद्यमान साहित्य अकादमी ,नयी दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर विश्वनाथ प्रसाद तिवारी प्रसन्नता व्यक्त करत डॉ रामदरश राय के शुभेच्छुअन अउर शिष्यन के तैयार कइल मानग्रन्थ के प्रकाशन पर कहने कि ई गुरु अउर मित्र के महत्त्व के आनन्दपूर्ण स्वीकृति बा जेके आचार्य शुक्ल श्रद्धा कहले बाने। एसे डॉ राय के व्यक्तित्व अउर कृतित्व के सम्मान होई। हमार कामना बा कि उन पर मां सरस्वती के कृपा बनल रहे।

हिन्दी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर अनिल कुमार राय प्रो रामदरश राय के व्यक्तित्व में निर्बन्ध प्रशंसा के औदार्य तलशने त हिन्दी विभाग के वर्तमान अध्यक्ष प्रो दीपक प्रकाश त्यागी उनमें समासगर्भित-अर्थगर्भित भाषाविद् के छवि देखने। डॉ संजयन त्रिपाठी डॉ राय में गुरुभक्त शिष्य अउर शिष्यवत्सल आचार्य के छवि खोजत  ओनके एक योग्य भाषाविद् अउर मार्गदर्शक अभिभावक बतवलस।

लोकार्पण समारोह अउर सम्मान-सभा के जुगानी भाई,प्रो शिवशंकर वर्मा, डॉ आद्या प्रसाद द्विवेदी, डॉ प्रदीप कुमार राव, डॉ वेद प्रकाश पाण्डेय, डॉ लालमणि तिवारी, डॉ उमाकांत राय अउर बृजभूषण राय वृज उद्बोधित कइने। डॉ शाकिर अली खां अउर डॉ अजय अनजान स्वागत-सम्मान गीत प्रस्तुत कइने।

भाषाप्रहरी ग्रन्थ के प्रधान सम्पादक डॉ फूलचन्द प्रसाद गुप्त प्रो राय के भाषाप्रहरी के रूप में रेखांकित करत सब आगन्तुक-अतिथियन के प्रति आभार व्यक्त कइने। डॉ आमोद कुमार राय कार्यक्रम के योग्यतापूर्वक संचालन कइने। कल्याण-मन्त्र के साथ कार्यक्रम के समापन भइल। उपस्थित प्रत्येक सदस्य- अतिथि के भाषाप्रहरी मानग्रन्थ की प्रति भेंट कइल गइल।

एह अवसर पर डॉ विनय मोहन त्रिपाठी, डॉ अंगद कुमार सिंह, डॉ सुधा राय, डॉ सन्ध्या राय,किरन त्रिपाठी,प्रखर त्रिपाठी, डॉ सुधीर राय, डॉ रमेश कुमार त्रिपाठी, डॉ अरुण कुमार सिंह, प्रसून कुमार मल्ल, डॉ निमिषा राय, डॉ यामिनी राय, डॉ प्रेमशंकर शुक्ल, डॉ दीप नारायण पाण्डेय, राकेश सिंह पहलवान, डॉ राहुल राय आदि साहित्यकारों सहित विश्वविद्यालय के अनेक आचार्य अउर नगर के साहित्यप्रेमी उपस्थित रहने।

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