[the_ad_group id="30365"]

का हs डीआरडीओ के ‘मिशन दिव्यास्त्र’, अग्नि 5 मिसाइल के अचूक निशाना आ मारक क्षमता ध्वस्त करीं दुश्मन के ठिकाना

नरेंद्र मोदी: फोटो
[the_ad_placement id="above-content"]

Share

रक्षा आ सुरक्षा के क्षेत्र में भारत के बड़हन सफलता मिलल बा। भारत में मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल (एमआईआरवी) तकनीक के संगे स्वदेशी रूप से विकसित अग्नि-5 मिसाइल के पहिला सफल उड़ान परीक्षण कईल गईल बा। एह उपलब्धि पs डीआरडीओ के वैज्ञानिकन के बधाई देत पीएम मोदी सोशल मीडिया हैंडल एक्स पs लिखले बाड़न – ‘मिशन दिव्यास्त्र खातिर हमनी के डीआरडीओ वैज्ञानिकन पs गर्व बा। मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल (एमआईआरवी) तकनीक के संगे स्वदेशी रूप से विकसित अग्नि-5 मिसाइल के पहिला उड़ान परीक्षण।’

मिशन दिव्यास्त्र एगो अइसन मिशन हs जवना में अलग अलग युद्ध के मैदान के निशाना बना के एके गो मिसाइल के तैनात कइल जा सकेला। एह सिस्टम में देशी एवियोनिक्स सिस्टम आ हाई एक्यूरेसी सेंसर पैकेज लगावल गइल बा। मिशन दिव्यास्त्र के परीक्षण से भारत ओह देशन के चुनिंदा समूह में शामिल हो गइल बा जवना में एमआईआरवी क्षमता बा।

एमआईआरवी तकनीक 

मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल रि-एंट्री व्हीकल- एमआईआरवी टेक्नोलॉजी एगो अइसन टेक्नोलॉजी हवे जेह में मिसाइल में एक साथ कई गो परमाणु हथियार ले जाए के क्षमता होला। एह हथियार से दुश्मन के अलग-अलग निशाना पs मारल जा सकता। एकर विशेषता इहो बा कि एकरा के सड़क से कहीं भी ले जाइल जा सकेला। इs सुविधा पहिले के अग्नि मिसाइल में मौजूद ना रहे। लेकिन अब अग्नि-5 मिसाइल के भी एह तकनीक से जोड़ल गईल बा।

अग्नि 5 मिसाइल 

अग्नि 5 मिसाइल अग्नि श्रृंखला के सबसे लंबा दूरी के मिसाइल हs जवना के रेंज 5000 किमी से अधिका बा। भारत दिसंबर 2022 में परमाणु सक्षम अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल के सफलतापूर्वक परीक्षण कईले रहे, जवना के रेंज 5000 किलोमीटर से जादे रहे।

 

 

 

[the_ad_placement id="below-content"]

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
[the_ad_placement id="sidebar-1st"]
[the_ad_placement id="sidebar-2nd"]
[the_ad_placement id="sidebar-3rd"]