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Nasa: मंगल ग्रह के तर्ज पर बनल नासा के घर में चार गो वैज्ञानिक 378 दिन बितवले, बाल बिखरल रहे आ चेहरा पs मुस्कान रहे…

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नासा मंगल ग्रह पर मानव खोज के तइयारी में लागल बा। एकरा खातिर एगो खास घर बनल। एकरा के ह्यूस्टन के जॉनसन स्पेस सेंटर में तइयार कइल गइल रहे । ई घर मंगल ग्रह के हालात से मिलत जुलत बनावल गइल रहे।

मंगल ग्रह पs इंसान के बसावे के योजना पs काम शुरू हो गइल बा। जदी सबकुछ ठीक से चलल तs अगिला सात साल में यानी 2030 तक इंसान के ओहिजा भेजल जाई। मंगल ग्रह पs इंसान कइसे जिए में सक्षम होई, एकरा खातीर एगो ट्रायल कइल गइल। एकरा खातिर नासा चार लोग के चुनले रहे जवना में कनाडा के जीवविज्ञानी केली हेस्टन भी शामिल रहले। अब एक साल बाद नासा के अंतरिक्ष यात्री एगो अनोखा अनुभव के बाद वापस आ गइल बाड़े।

गरजत ताली से माहौल गूँजत रहे

नासा के एगो अंतरिक्ष यात्री एगो दरवाजा के पीछे से तीन बेर जोर से पूछले कि, “का आप बाहर आवे खाती तैयार बानी?” दरवाजा खुलला पर उनकर जवाब साफ सुनाई देला। दरअसल नासा के चार गो वैज्ञानिक एक साल तक मानव संपर्क से दूर रहला के बाद वापस आ गइल बाड़े। उनका पहुंचते माहौल में गरजत ताली के गूंजत बा।

मंगल ग्रह के घर 

बता दीं कि नासा मंगल ग्रह पर मानव खोज के तइयारी में बा। एकरा खातिर एगो खास कमरा बनावल गइल रहे। ह्यूस्टन के जॉनसन स्पेस सेंटर में एगो घर बनल। एकरा में चार लोग के रहे के जगह बा। ई घर मंगल ग्रह के हालात से मिलत जुलत बनावल गइल रहे। एन्का सेलारियो, रॉस ब्रॉकवेल, नाथन जोन्स आ टीम के लीडर केली हेस्टन एह घर में करीब 378 दिन बितवले।

समय के अइसे बितावल गइल

एह दौरान ई लोग सब्जी उगावत रहे। साथ ही मंगल ग्रह उहाँ चलल रहले। एह एक साल में एह लोग खातिर सबसे मुश्किल काम रहे कि एतना दिन तक अपना परिवार से दूर रहला। एक तरह से ई अइसन अनुभव रहे जब महामारी जइसन लॉकडाउन रहे।

बिखरल बाल आ फेर…

शनिचर के दिने जब चारो लोग एह घर से बाहर निकलल तs ओह लोग के चेहरा पर मुस्कान लउकल। उनकर बाल तनी अउरी बिखराइल रहे। बाकिर उनकर खुशी साफ लउकत रहे। केली हेस्टन हँस के कहली कि नमस्कार, रउरा लोग के फेर से नमस्कार कइल बहुते बढ़िया लागल।

साथे-साथे डाक्टर जोन्स कहले कि, ‘हमरा उम्मीद बा कि इहाँ रउआ सभे के सोझा खड़ा होके हम ना रोब।’ भीड़ में पत्नी के देख के ठीक ओसही ऊ रोवे लगले।

मंगल ग्रह पर चले के अभ्यास भी

क्रू हेल्थ एंड परफॉर्मेंस एक्सप्लोरेशन एनालॉग (CHAPEA) के मार्स ड्यून अल्फा ह्यूस्टन एगो 3D प्रिंटेड 1,700 वर्ग फुट के चैम्बर हs। एकर मकसद मंगल ग्रह के सतह पर इनहन के निवासस्थान के अनुकरण कइल बा। एकरा अलावे जिम, किचन आ रिसर्च सेंटर के निर्माण भइल बा। एह घर के एयरलॉक से अलगा कइल गइल रहे। इहाँ चारो लोग मंगल वॉक के अभ्यास भी कइले।

नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर के डिप्टी डायरेक्टर स्टीव कॉर्नर लोग से कहले कि, हमनी के मंगल ग्रह पs लोग के भेजे के तैयारी करतानी।

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