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मत्स्यासन श्वसन अवुरी पेट से जुड़ल बेमारी के ठीक करे में मददगार होखेला, एकरा के करे के सही तरीका जान लीं

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मत्स्यासन श्वसन अवुरी पेट से जुड़ल बेमारी के ठीक करे में मददगार होला, एकरा के करे के सही तरीका जान लीं

योग के माध्यम से शरीर के बहुत विकार के दूर कईल जा सकेला। एकर नियमित अभ्यास शरीर के चर्बी कम करे के संगे-संगे बहुत बेमारी से छुटकारा पावे में मदद करेला। बहुत आसन में से एगो मत्स्यासन बहुत बेमारी के रामबाण के काम करेला। मत्स्यासन में शरीर मछरी के आकार निहन हो जाला, जवना के चलते एकर नाम मत्स्यासन राखल गइल बा। अगिला स्लाइड में एह आसन के सही तरीका जानीं।

मत्स्यासन:फोटो

मत्स्यासन कईसे कईल जाला

मत्स्यासन करे खातिर सबसे पहिले चटाई बिछा के जमीन पे बईठे के चाही। फिर पद्मासन के मुद्रा में रख के पीठ पर लेट जाए के चाही। एह स्थिति में रहत घरी साँस लेके कमर के उठाईं। एह मुद्रा में रहत घरी ध्यान राखीं कि आपके शरीर के कूल्हि अवुरी सिर के हिस्सा जमीन प रहे के चाही अवुरी कमर जमीन से ना छुए के चाही। एह क्रिया के अपना क्षमता के हिसाब से एक से पांच मिनट तक धीरे-धीरे बढ़ाईं। अगर रउरा चाहत बानी त शुरुआत के समय पहिले सीधा जमीन प लेटला के बाद पैर के पद्मासन के स्थिति में ले आ सकतानी।

मत्स्यासन योग के फायदा

मत्स्यासन कइला से पूरा शरीर के ताकत मिलेला। पेट से जुड़ल कुल्हि बेमारी में राहत मिलेला। एकरा संगे-संगे पेट के चर्बी भी कम हो जाला। इ आसन सांस लेवे में मदद करेला अवुरी गला साफ करेला। मत्स्यासन आँख के रोशनी बढ़ावे में भी मदद करेला।

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