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महाराष्ट्र: शिंदे के नयका पार्टी के चुनाव चिह्न पर सिख समुदाय के आपत्ति, चुनाव आयोग से निरस्त करे के मांग

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शिवसेना के शिंदे गुट के नयका पार्टी ‘बालासाहेब की शिवसेना’ के आवंटित चुनाव चिन्ह ‘दो तलवार और एक ढाल’ पर नांदेड़ के सिख समुदाय आपत्ति जतवलें। नांदेड़ के सचखंड गुरुद्वारा बोर्ड के पूर्व सदस्य रंजीत सिंह कामठेकर एह संबंध में चुनाव आयोग से शिकायत कs के निरस्त करे के मांग कइले बानें।  दरअसल, सिख समुदाय के कहनाम कि शिंदे गुट के आवंटित चुनाव चिह्न ‘दो तलवार अउर ढाल’ खालसा पंथ के धार्मिक प्रतीक बा। उहवें एसे पहिले समता पार्टी भी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के मशाल चाहे ज्वलनशील मशाल आवंटित कइले पर आपत्ति जता चुकल बा।

का कहनाम बा सिख समुदाय का?

गुरुद्वारा सचखंड बोर्ड, नांदेड़ के पूर्व सचिव रंजीतसिंह कामठेकर अउर एगो स्थानीय कांग्रेस नेता चुनाव आयोग (ईसी) के चिट्ठी लिखके चुनाव चिह्न के अनुमति नाइ देवे खातिर कहले बानें काहेसेकि एकर धार्मिक अर्थ बा। ऊ कहलें कि अगर चुनाव आयोग द्वारा कौनो संज्ञान नाइ लिहल गइल त ऊ कार्रवाई खातिर अदालत जाए के सोच रहल बानें। ऊ कहलें कि हमनी के धार्मिक गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह खालसा पंथ के धार्मिक प्रतीक के रूप में तलवार अउर ढाल के स्थापित कइले रहने।  कामथेकर कहलें कि जौने तरह से चुनाव आयोग ने एह गुटन के त्रिशूल अउर गदा के खारिज करत,  उनके धार्मिक अर्थ होने के कारण के हवाला दिहलें ओही तरह इहो धार्मिक मामला ह।

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