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उत्तर प्रदेश में रजिस्ट्री के प्रक्रिया होई आसान, बिहान से प्रदेश के कौनो तहसील में करा सकल जाई रजिस्ट्री

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सीएम योगी आदित्यनाथ के पहल पर अब प्रदेश में केहू के भी रजिस्ट्री खातिर अगोरे के नाइ पड़ी। सोमार से प्रदेश के कौनो तहसील में लोग मकान खातिर फेर संपत्ति के रजिस्ट्री करा सकल जाई।

उत्तर प्रदेश में बहुते जटिल मानल जाए वाली मकान चाहे जमीन के रजिस्ट्री प्रक्रिया के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के निर्देश पs बहुते सरल बना दिहल गइल बा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टाम्प अउरी रजिस्ट्रेशन विभाग के बइठक में एगो बड़ बदलाव करवले बानें।

सीएम योगी आदित्यनाथ के पहल पर अब प्रदेश में केहू के रजिस्ट्री खातिर अगोरे के नाइ पड़ी। सोमार से प्रदेश के कौनो भी तहसील में लोग रजिस्ट्री करा पइहें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतवलें कि पहिले 18 मंडल मुख्यालय पर व्यवस्था लागू होई। अब केहू के भी अपने मकान चाहे संपत्ति के रजिस्ट्री करावे खातिर ढ़ेर चक्कर नाइ लगावे के पड़ी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टाम्प अउरी रजिस्ट्रेशन विभाग के बइठक में ई बड़ निर्णय लिहले बानें जेमें कि दूसर दफ्तर में भी रजिस्ट्री हो सकी।

रजिस्ट्री के ले के सीएम योगी आदित्यनाथ के दुसरका बड़ फैसिला

योगी आदित्यनाथ सरकार सगे संबंधियन के रजिस्ट्री शुल्क के ले के जुलाई के अंतिम हफ्ता में ही बड़ फैसला कइले रहलें। योगी आदित्यनाथ सरकार अब घर के कौनो सदस्य के नाम संपत्ति के रजिस्ट्री करवले के मोट स्टांप शुल्क खत्म कs दिहले बानें। नयका स्कीम के तहत रउआ सिर्फ 5000 रुपया के स्टांप शुल्क अउरी एक हजार रुपया प्रोसेसिंग फीस दे के संपत्ति के रजिस्ट्री करा सकsतने।

प्रदेश में अभिन ले एकरे खातिर संपत्ति के सर्किल रेट के हिसाब से स्टांप लागत रहे। उदाहरण के तौर पर मान लेईं कि अगर संपत्ति के कीमत 25 लाख रुपया बा, त लगभग दू लाख दस हजार रुपया के स्टांप लागत रहे। योगी आदित्यनाथ सरकार हालही में जेके घटा के अब खाली 6000 रुपया कs दिहल गइल बा।

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