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महाराणा प्रताप संस्थापक सप्ताह समारोह में बोलले लोकसभा स्पीकर बिड़ला, बोलनें-भारत के विकसित राष्ट्र बनावे में नौजवानन के भूमिका अहम

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लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला कहलें कि देश के विकसित अउर आगे ले गइले में युवा लोग के भूमिका अहम बा। ई तब्बे संभव बा जब लोकतांत्रिक मूल्यन के संरक्षित रखत उनके संस्कारवान अउर मौजूदा दौर के हिसाब से शिक्षा व्यवस्था दीहल जाव।

लोक सभा अध्यक्ष शनिचर के गोरखपुर में रहनें अउर महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 90वें स्थापन दिवस के समापन समारोह के बतौर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करत रहनें। ऊ कहनें कि गोरक्षपीठ के परंपरा के कठिन परिश्रम के साथ योगी आदित्यनाथ आगे बढ़ावे के काम कs रहल बानें। मुगल शासकन के आक्रमण से बचावे के काम अइसने पीठ अउर मंदिर कइले बानें सब।

ऊ मदन मोहन मालवीय के विचारन के भी इहां जिक्र कइलें। महंत दिग्विजय नाथ के चर्चा करत ऊ कहनें कि महंत दिग्विजय सोचले रहनें कि आजादी के संगे अइसन शिक्षा व्यवस्था बनावल जाय, जेसे समाज को आगे ले जाइल जाव। इहे वजह बा कि 1932 में ऊ महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के गठन कइलें। ऊ मेवाड़ के सपूत महाराणा प्रताप के जीवन आदर्श के अपनवलें, जौन देश के अस्मिता की रक्षा खातिर आपन अद्भुत पराक्रम देखवलें।

बिरला कहनें कि आजादी के 75 साल बाद एह देश के एगो विकसित राष्ट्र बनवले में हमनीके नवजवानन के मार्गदर्शन मिले, ई कोशिश होखे ले चाहीं। महंत दिग्विजय शिक्षा के हर क्षेत्र में काम कइले के जौन सपना देखले रहनें ऊ आजु 52 संस्था जेमें कॉलेज, नर्सिंग, मेडिकल अउर यूनिवर्सिटी के रूप में दिखाई दे रहल बा।

ऊ कहनें कि हम गर्व से कह सकतनीं कि भारत के विकसित राष्ट्र बनवले में नौजवानन के भूमिका अहम हो सकsता, जेमें नया कइले के सोच बा। बिरला कहलें कि स्वामी विवेकानंद, मालवीय अउर महंत दिग्विजय नाथ सभे युवा लोग के मार्गदर्शन कइले बानें। एह परिषद के अंतर्गत जौन प्रतियोगिता होला ओमें समग्र विषय शामिल होला। जेकर विजेता लोग के बधाई देतनी।

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