Khabar Bhojpuri
भोजपुरी के एक मात्र न्यूज़ पोर्टल।

जे मन मे बा तs प्यार करs (कविता) मैकश के कलम से …

मैकश के कविता जिनगी के मय पहलुअन के शब्दन में समेटले रहेला....

0 656
सीवान इन्शुरेंस 720 90

जे मन में बा त प्यार करs
भा सीधा तु इनकार करs …..

1
तु रोज निचिता सुतेलु
हम रोज रात भर जागीले
तु छते छते छहकेलु
हम गलिये गलिये माकिले
तु गोभी जइसे फरेलु
हम किसमिस लेखा सुखिले
तु ठीक रहs बस एकरे खाती
बियफे मंगर भुखिले
हम एक टाँग प खड़ा बानी
जल्दी से बिचार करs
जे मन में बा त प्यार करs
भा सीधा तु इनकार करs …..

2
तु जियत रह जियो जइसन
प्यार के डाटा सिंक करs
पइसा ना लागी मंगनी में
आधार से अपना लिंक करs
हम 2 G के स्पीड हई
तु 4 G के स्पीड हउ
हम लेखो फेखो कलम
तु जेल पेन के लिड हउ
अब तहरे हाथे जिनगी बा
अंजोर चाहे अन्हार करs
जे मन में बा त प्यार करs
भा सीधा तु इनकार करs …..

3
तु गाड़ी तेज भगावेलु
हम साइकिल तेज भगाइले
तु जेतने मुंह बनावेलु
हम ओतने खूब अघाइले
तु महँगा मेकप करेलु
हम स्नो पाउडर घोसीले
तु घर में पप्पी पोसेलु
हम दुअरा कुकुर पोसीले
बीच भँवर में फंसल बानी
आर करs भा पार करs
जे मन में बा त प्यार करs
भा सीधा तु इनकार करs ……

4
तु मॉल के सेंडिल पेन्हेंलु
हम टिउर के चपल नापिले
तु लेदर जैकीट पेंहेलु
हम ठंडा देहे कापिले
तहरे के देखे सुनेला
केहुके घर ढूक जाइले
जब गली से हमरा गुजरेलु
चउरास्ता प रुक जाइले
जे दिल से हमके चाहेलु
त दहिना हाथ खाड़ करs
जे मन में बा त प्यार करs
भा सीधा तु इनकार करs…..

5
तु खुशी खुशी जियेलु
हम हुके डाहे मरीले
तु जेतने नफरत करेलु
लभ ओतने हम त करीले
हम लइका हइ खेलावना ना
क ख ग सिखाव जन
हमरा के कसटमर केयर
जइसे तु भरमावs जन
आदमी हई आदमी लेखा
बढ़िया से व्यवहार करs
जे मन में बा त प्यार करs
भा सीधा तु इनकार करs…..

- Sponsored -

- Sponsored -

6

तु स्कूल कवलेज पढ़ेलु
हम तहरे के रोज पढ़िले
तु एक डेग जब चलेलु
त चार डेग हम बढ़िले
हम सीधा देखी तहरा के
तु तिरछा काहे देखेलु
हम फूल लिआई श्रद्धा से
तु लेके धाय से फेकेलु
अब इहे काम बचल बा
कि दिनभर इंतज़ार कर s
जे मन में बा त प्यार करs
भा सीधा तु इनकार करs ……

WhatsApp Image 2022 02 14 at 11.45.53 AM, जे मन मे बा तs प्यार करs (कविता) मैकश के कलम से ..., Bhojpuri Poem, Maikash, भोजपुरी कविता, मैकश,

मैकश के परिचय

गांव के माटी-पानी में सनाइल एगो नब्बे के दशक के भारतीय जवना के आपन भाषा आ संस्कृति में अटूट विश्वास आ लगाव बा। ‘मैक़श’ के परिचय इंहा एगो अइसन साधारण आ जमीन से जुड़ल नवसिखुआ लइका से बा जवना के कलम आ शब्द नवहन के बात करेला। उ संवेदना, भाव आ अंदाज के लिखे के एगो छोटहन कोसिस  जवना के समाज आ लोग साधारणतः नजरअंदाज क देला।

 

218250cookie-checkजे मन मे बा तs प्यार करs (कविता) मैकश के कलम से …

ईमेल से खबर पावे खातिर सब्सक्राइब करीं।

जगदम्बा जयसवाल  300*250
जगदम्बा जयसवाल 720*90

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

- Sponsored -

- Sponsored -
Leave A Reply

Your email address will not be published.