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गोरखपुर में मनावल गइल मजदूर नेता रामदेव सिंह के जयंती

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गोरखपुर। मजदूरन के मसीहा कहल जाये वाला हिंडाल्को के मजदूर नेता रामदेव सिंह जी के उहाँ के जयंती प इयाद कइल गइल। उहाँ के बेटा आ भोजपुरी के प्रख्यात कवि मनोज भावुक जी गोरखनाथ मंदिर में उहाँ खातिर सामूहिक प्रार्थना कइनीं। जेमे देश के नामचीन साहित्यकार, कवि, कलाकार आ मिडियाकर्मी लोग भाग लिहल। ओकरा बाद एस एस एकेडमी, ए डी माल के लगे विजय चौक प रामदेव बाबू जी के पावन स्मृति में एगो सांस्कृतिक आयोजन भइल, जेमे संगीत नाटक अकादमी के वरिष्ठ सदस्य आ  सुप्रसिद्ध गायक राकेश श्रीवास्तव आ उनकर टीम अपना गीतन से रामदेव बाबू के इयाद कइल।

रामदेव सिंह जी

मालूम होखे कि एशिया के सबसे बड़ एल्यूमिनियम कंपनी हिंडाल्को के पहिला मजदूर नेता आ सोनभद्र के महाराणा प्रताप के रूप में लोकप्रिय रामदेव सिंह जी के 87 बरिस के उमिर में हाले में 14 अप्रिल 2022 के निधन हो गइल रहे। ट्रेड यूनियन ‘राष्ट्रीय श्रमिक संघ’ के संस्थापक रामदेव बाबू बिड़ला मैनेजमेंट के खिलाफ संघर्ष कइनीं, जवना के कारणे उहाँ के कइयन बेर जेल तक जाये के पड़ल। रामदेव जी के नेतृत्व में सबसे महत्वपूर्ण हड़ताल 12 अगस्त 1966 में भइल। जेमे उहाँ के एगो आवाज प हिंडाल्को के चिमनी के धुआँ बंद हो गइल रहे आ समूचा प्लांट के बंद करे के पड़ल रहे। एतना बड़ जन समर्थन रहे, बाबू रामदेव सिंह जी के संगे।

 

मनोज भावुक जी

रामदेव सिंह जी के नेतृत्व में हड़ताल प हड़ताल होत गइल आ उहाँ के नाम पहिले राज्य फेर केंद्र के राजनीतिक गलियारन तक पहुँच गइल। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, राजनारायण, प्रभुनारायण, राम मनोहर लोहिया, जय प्रकाश नारायण, जॉर्ज फर्नांडीज़, विश्वनाथ प्रताप सिंह, चंद्रशेखर, लालू प्रसाद यादव आ वर्तमान केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह आदि के भरपूर समर्थन मिलल। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहल रामनरेश यादव रामदेव बाबू के आपन राजनीतिक गुरु मानत रहलें। उनकर लगाव रामदेव सिंह से आजीवन बनल रहल।

रामदेव शुक्ल जी मनोज भावुक जी से रामदेव सिंह जी के स्मृतियन के इयाद करत

रामदेव सिंह 14 साल तक बेरोजगार रहलें आ एह दौरान उहाँ के परिवार, उनकर लईका लोग मुफलिसी में जीवन काटत रहल लो। रेनूकूट में बिजली बत्तियन से चमचमात बाजार बसावे वाला रामदेव सिंह के जिनगी टीन शेड में गुजरल। अइसन स्वार्थहीन व्यक्तित्व के धनी रहनीं रामदेव बाबू जी।

बिहार के सिवान जिला के कौंसड़ गाँव में जनमल रामदेव सिंह एगो सामान्य किसान के बेटा रहनीं। 18 साल के उमिर में नौकरी खोजत ऊ गोरखपुर चल अइनीं। एगो कंपनी में सुपरवाइजर के काम मिलल जवना में 70 रुपया तनख्वाह मिले लागल। एही गोरखपुर से उहाँ में लीडरशिप क्वालिटी विकसित भइल।

गोरखपुर के धरती प आयोजित कार्यक्रम में प्रोफेसर रामदेव शुक्ल, गीतकार सुभाष चंद्र यादव, शायर अभिषेक वत्स, कवि अजय यादव, कनक हरी अग्रवाल, शिवेंद्र पांडेय, सुभाष दुबे, काशी नरेश चौबे अर्पिता सिंह, प्रमिला दूबे, सारिका राय, राजेश राय, निशा राय, दिनेश कुमार दूबे, अंजना लाल, अविका श्रीवास्तव, विभा सिंह, नन्दकिशोर यादव, अजय सिंह, आदि साहित्यकार, गायक आ समाजसेवी लोग बाबू रामदेव सिंह जी के श्रद्धांजलि अर्पित कइल।

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