बंगलूरू : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो (ISRO) आज 260 टन वजन वाला PSLV-C62 रॉकेट सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कइले बा। एह मिशन में उपग्रह ‘अन्वेषा’ सहित कुल 16 सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजल गइल। ई साल 2026 के इसरो के पहिला प्रक्षेपण हs। आज श्रीहरिकोटा इस्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से पृथ्वी अवलोकन उपग्रह अन्वेषा आ बाकी 15 छोट सैटेलाइट के कक्षा में स्थापित कइल गइल।
अन्वेषा से भारत के निगरानी क्षमता आउर मजबूत होई आ दुश्मन के हर हरकत पs कड़ा नजर राखल जा सकी।
दुश्मन पs नजर रखी उपग्रह ‘अन्वेषा’
उपग्रह अन्वेषा पृथ्वी के कक्षा में घूमत हाई-क्वालिटी तस्वीर ली। एमे हाइपरस्पेक्ट्रल सेंसर लगल बा, जवन साधारण कैमरा से कहीं जादे स्मार्ट होला। ई तकनीक आसमान से जमीन पs हो रहल हर गतिविधि के बारीकी से पहचान सकेला। अन्वेषा के विकास डीआरडीओ (DRDO) कइले बा।
एह लॉन्च में दुगो सॉलिड स्ट्रैप-ऑन मोटर वाला PSLV-DL वेरिएंट के इस्तेमाल कइल गइल। ई मिशन PSLV रॉकेट के 64वीं उड़ान हs।
PSLV- इसरो के भरोसेमंद लॉन्च व्हीकल
PSLV इसरो के मुख्य लॉन्च व्हीकल हs, जवन अब तक चंद्रयान-1, मार्स ऑर्बिटर मिशन (मंगलयान), आदित्य-L1 आ एस्ट्रोसैट जइसन अहम मिशन सफलतापूर्वक पूरा कs चुकल बा। अब तक PSLV 63 उड़ान पूरा कs चुकल रहे। साल 2017 में PSLV एके मिशन में 104 सैटेलाइट लॉन्च कs के दुनिया भर में भारत के नाम रोशन कइले रहे।
देस के सबसे अहम डिफेंस सैटेलाइट में से एगो- ‘अन्वेषा’
PSLV-C62 मिशन खाली एगो साधारण प्रक्षेपण नइखे, बलुक ई भारत खातिर बहुते अहम अंतरिक्ष मिशन हs। एह मिशन के तहत 16 सैटेलाइट के सन-सिंक्रोनस पोलर ऑर्बिट में स्थापित कइल गइल, जवन वैश्विक स्मॉल-सैटेलाइट लॉन्च बाजार में भारत के बढ़त पकड़ के देखावता।
एह मिशन के प्रमुख उपग्रह EOS-N1 हs, जेकर नाम ‘अन्वेषा’ रखल गइल बा। ई डीआरडीओ के ओर से विकसित एगो उन्नत अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट हs।
‘अन्वेषा’ के खासियत
मिशन के प्रमुख उपग्रह EOS-N1 (अन्वेषा) में हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग तकनीक लागल बा। ई तकनीक हर पिक्सल में सइयन गो लाइट बैंड रिकॉर्ड करेला, जवना से बहुते बारीक जानकारी मिल सकेला।
एह सैटेलाइट से फसल के हालत, मिट्टी में नमी, खनिज संसाधन, शहरी फैलाव आ पर्यावरण में हो रहल बदलाव के बेहद सटीक जानकारी हासिल होई। संगे-संगे, ई देस के रक्षा आ सुरक्षा बेवस्था के आउर मजबूत करे में अहम भूमिका निभाई।







