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नयका कूलिंग प्रौद्योगिकी खातिर देश में 1.6 लाख करोड़ के निवेश के मौका, 2040 ले पैदा होई 37 लाख रोजगार

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लगातार बढ़ रहल तापमान के बीच जगह ठंडा रखे वाले विकल्प अउर ऊर्जा बचावे वाले नयका (नवोन्मेषी) प्रौद्योगिकियन खातिर भारत में 2040 ले 1.6 लाख करोड़ डॉलर के निवेश के अवसर बा। एहसे 37 लाख रोजगारो पैदा हो सकsता।

विश्व बैंक के रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2037 ले ठंडा करे वाले उत्पादन के मांग मौजूदा स्तर से आठ गुना अधिक होई। एकर मतलब बा कि हर 15 सेकंड में नयका एयर कंडीशनर के मांग आई। एहसे अगिले दू दशक में ग्रीनहाउस गैस हर साल उत्सर्जन 435 फीसदी ले बढ़ सकsता।

विश्व बैंक में निदेशक (भारत) आगस्ते तानो कुआमे के कहनाम बा कि भारत के कूलिंग रणनीति जीवन अउर आजीविका बचवले में मददगार हो सकsता। कार्बन उत्सर्जन में कमी लवले में मदद कs सकsता। सथही, भारत के हरित कूलिंग विनिर्माण के वैश्विक केंद्र भी बना सकsतिया।

गर्मी के वजह से देश के हर साल अरबों रुपया के नुकसान

रिपोर्ट में कहल गइल बा कि भारत में ताजा पैदा होखे वाले खाद्य वस्तुअन में खाली चार फीसदी खातिर कोल्ड स्टोरेज के सुविधा बा। एहसे देश में हर साल 13 अरब डॉलर के खइले-पीयले के सामान खराब हो जाता। एकरे अलावा, दुनिया के तिसरका सबसे बड़ दवा विनिर्माता भारत में कोरोना के प्रकोप शुरू होखले से पहिले करीब 20 फीसदी दवा उत्पाद बेकार हो गइल, जिनके विशेष तापमान में रखले के जरूरत रहल।

विकल्प से होई ई फायदा…

रिपोर्ट के मुताबिक, ठंडा रखले में सक्षम विकल्प में निवेश से खइले-पीयले के सामान में 76 फीसदी के खराब होखे से बच जाई।
कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जनो में 16% के कमी आई। खाली कृषि में कोल्ड चेन क्षेत्र में 17 लाख रोजगार पैदा हो सकsता।

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