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यूपी में अब पेंशनर लोग के घरे भी होई बिजली के जांच, एसी पर नजर के संगे एह प्वाइंट्स के होई चेकिंग

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आम उपभोक्ता के तरह अब बिजली निगम के 3200 पेंशनर लोग के घर के भी बिजली कनेक्शन के जांच होई। एगो अलग जांच टीम पेंशनर लोग के घर अउर परिसर के तय बिंदुअन पर जांच करी। 31 अक्तूबर ले ई जांच पूरा हो जाई। दरअसल ई जांच एहलिए हो रहल बा कि पेंशनर लोग के कुछ शर्त के संगे सस्ता बिजली मुहैया करावल जाला।

एकरे खातिर अगल-अलग श्रेणी के पेंशनर खातिर अलग-अलग बिजली बिल फिक्स बा। एकरे सथही एसी के घोषणा करे वाले पेंशनर के बिल में 650 रुपया अप्रैल से सितम्बर ले बिजली बिल में चार्ज होला। पेंशनर के खिलाफ लगातार मिल रहल शिकायत पs ग्रामीण वितरण खंड प्रथम (पेंशन खंड) के अधिशासी अभियंता पेंशनर लोग के परिसर अउर बिजली बिल के जांच करावे के निर्णय लिहल गइल बा।

एह दर पर मिलsला बिजली

श्रेणी फिक्स बिजली बिल
चतुर्थ श्रेणी 409 रुपया मासिक
तृतीय श्रेणी 499 रुपया मासिक
जेई श्रेणी 832 रुपया मासिक
एई श्रेणी 1031 रुपया मासिक
ई ई श्रेणी 1099 रुपया मासिक
एसई श्रेणी 1507 रुपया मासिक
सीई श्रेणी 1706 रुपया मासिक
(एसी लगवला पर 650 महीना अप्रैल से सितम्बर ले)

अतवार से होई जांच

पेंशन खंड द्वारा गठित कमेंटी के सदस्य अतवार से पेंशनर के परिसर के जांच करिहें। खण्ड में करीब 3200 पेंशनर ह। सब के घर जा के परिसर में लागल कनेक्शन, एसी के संख्या अउर विभागीय संयोजन के गलत इस्तेमाल के जानकारी जुटइहें।

तीन बिन्दु पर होई जांच

1. पेंशनर लोग के परिसर में लागल एसी के संख्या
2. एक से अधिक परिसर पs विभागीय संयोजन के इस्तेमाल
3. बिजली बिल जमा करे के अद्यतन स्थिति

ग्रामीण वितरण खंड-पेंशन खण्ड, एक्सईएन, ई. संदीप मौर्या कहलें कि ज्यादातर पेंशनर बिल भुगतान में लापरवाही कs रहल बानें। बिना घोषणा कइल ही घर में एसी चला रहल बानें। जांच टीम के रिपोर्ट के बाद कार्रवाई होई।

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