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5जी स्पेक्ट्रम से भारत के होई केतना फायदा? सस्ता होई इंटरनेट? जानीं सारा सवालन के जवाब

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मौका पर कह चुकल बानें कि देश डिजिटल क्रांति में सबसे आगे होखले के कई मौका छोड़ देहलें बानीं जा लेकिन हमनीके 5जी तकनीक से होखे वाला बदलावन के बस नाइ छोड़े के चाहीं। 1 अगस्त के पूरा भइल स्पेक्ट्रम नीलामी के प्रक्रिया में सरकार के अब ले के सबसे बेसी 1.5 करोड़ रुपए के कमाई भइल बा। एह नीलामी में 2जी, 3जी, 4जी और 5जी सेवा के जुड़ल स्पेक्ट्रम नीलामी खातिर रखल गइल। नीलामी में देखल गइल उत्साह से साफ बा कि उद्योग जगत एह तकनीक में निवेश के बिल्कुल भी पीछे नाइ हट रहल बा, बलुक आगे बढ़ के बड़ पैमाना पर निवेश कs रहल बा।

5जी से होई का का फायदा

>> मानल जा रहल बा कि 5जी तकनीक के जरिए मोबाइल इंटरनेट के स्पीड 4जी से 10 गुना ज्यादा हो जाई।
>> स्वास्थ्य सेवा में तकनीक के इस्तेमाल बढ़ी। एहमें टेलीमेडिसिन के साथ-साथ चिकित्सा क्षेत्र में रोबोट के इस्तेमाल कइल बढ़ी। दूरस्थ ग्रामीण अउर पहाड़ी इलाकन में तकनीक के जरिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गंभीर बीमारियन के इलाज के भी व्यवस्था बनावल जा सकी। तकनीक के जरिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के क्वालिटी बेहतरीन रही एसे डॉक्टर के मरीज के हालत के बेहतर अंदाज मिली।
>> होटल अउरी हॉस्पिटालिटी सेक्टर में भी रोबोट के इस्तेमाल कइल संभव हो सकी।
>> वर्चुअल रियलिटी के क्षेत्र के आगे बढ़वलें में मदद मिली। एकरे जरिए आभासी टूरिज्म के बढ़ावा देहल जा सकेला।
>> कृषि क्षेत्र में ड्रोन के इस्तेमाल प्रभावी तरीका से हो सकी। साथ ही मौसम के जानकारी के अंदाजा ज्यादा सटीकता से लगावल जा सकी अउरी ओकर प्रसार, हितधारक तक तेज हो सकी।
>> शिक्षा अउरी शोध के क्षेत्र में तेज इंटरनेट अउरी ज्यादा कनेक्टिविटी से बेहतर अउरी जल्दी परिणाम मिलल शुरू हो जाई।
>> अभी प्रयोग के स्तर पर चलावल जा रहल ड्राइवर लेस कार अउरी ड्राइवरलेस मेट्रो के संचालन के अंजाम देहल जा सकी।

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