[the_ad_group id="30365"]

अडाणी-हिंडनबर्ग केस में सुप्रीम कोर्ट के SIT जांच से इनकार: जांच खातिर सेबी के आउर 3 महीना के समय मिलल, अडाणी बोललें- सत्यमेव जयते

[the_ad_placement id="above-content"]

Share

अडाणी-हिंडनबर्ग मामले में सुप्रीम कोर्ट बुध के सेबी के बचल दु ममिलन के जांच खातिर तीन महीना के आउर और समय देले बा। ओहिजा ममिला के जांच के SEBI से लेके SIT के देवे से इनकार कs देलस। चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस जे बी पारदीवाला आ जस्टिस मनोज मिश्रा के बेंच ई फैसला सुनवलस।

कोर्ट कहलस कि सेबी के रेगुलेटरी फ्रेमवर्क में दखल देवे के एह अदालत के शक्ति सीमित बा। सेबी 24 में से 22 ममिलन के जांच पूरा कs लेले बा। सॉलिसिटर जनरल के आश्वासन के धेयान में रखत, हमनी के सेबी के आउर दुगो ममिलन में तीन महीना के भीतर जांच पूरा करे के निरदेस देत बानी सs।

सुप्रीम कोर्ट कहलस कि OCCPR के रिपोर्ट के सेबी के जांच पs संदेह के तौर पs नइखे देखल जा सकत। सुप्रीम कोर्ट के मानल बा कि जांच के सेबी से SIT के ट्रांसफर करे के कवनो आधार नइखे। इन्वेस्टर आ कारोबारी जॉर्ज सोरोस आ रॉकफेलर ब्रदर्स जइसन लोगन के फंडेड ‘OCCRP’ 2006 में बनल एगो इन्वेस्टिगेटिव संस्था हs।

अडाणी बोलले- सत्य के जीत भइल बा

कोर्ट के एह फैसला के बाद अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी कहलें- ‘कोर्ट के फैसला से पता चलता बा कि सत्य के जीत भइल बा। सत्यमेव जयते। हम ओह लोगन के आभारी बानी जे हमनी के संगे खड़ा रहलें। भारत के ग्रोथ स्टोरी में हमनी के जोगदान जारी रही। जय हिन्द।’

24 नवंबर के कोर्ट फैसला सुरक्षित रखले रहे 

पिछला साल 24 नवंबर के कोर्ट ममिला के सुनवाई के बाद आपन फैसला सुरक्षित रख लेले रहे। CJI कहले रहस- हमनी के अमेरिकी कंपनी हिंडनबर्ग के रिपोर्ट के तथ्यात्मक रूप से सही माने के जरूरत नइखे बा। हिंडनबर्ग इहां मवजूद नइखे, हमनी के SEBI से जांच करे के कहले बानी सs।

24 जनवरी 2023 के हिंडनबर्ग रिसर्च अडाणी ग्रुप पs मनल लॉन्ड्रिंग से लेके शेयर मैनिपुलेशन जइसन आरोप लगवले रहस। केस के जांच खातिर सुप्रीम कोर्ट छव सदस्यीय कमेटी बनवले रहे। एकरा अलावे, मार्केट रेगुलेटर SEBI के जांच करे खातिर कहले रहे।

कोर्ट खारिज कइलस याचिकाकर्तन के दलील

कोर्ट एक्सपर्ट कमेटी के सदस्यन के ओर से हितन के टकराव के संबंध में याचिकाकर्ता लोगन के दलीलन के खारिज कs देलस। हालांकि, कोर्ट इहो कहलस कि भारत सरकार आ सेबी भारतीय निवेशकन के हितन के मजबूत करे खातिर कमेटी के सिफारिशन पs विचार करी।

[the_ad_placement id="below-content"]

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
[the_ad_placement id="sidebar-1st"]
[the_ad_placement id="sidebar-2nd"]
[the_ad_placement id="sidebar-3rd"]