[the_ad_group id="30365"]

ज्ञानवापी: जमीन के अदला-बदली के दिहल गइल चुनौती, दर्ज भइल एगो आउर मुकदमा; अदालत में दाखिल भइल याचिका

[the_ad_placement id="above-content"]

Share

विश्वनाथ काॅरिडोर खातिर अधिग्रहित भूमि के स्वामित्व विश्वनाथ मंदिर के पक्ष में घोषित करे आ अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी से जमीन के अदला-बदली के चुनौती देत घरी एगो याचिका अदालत में दाखिल कइल गइल।

ई याचिका बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय सिविल जज सीनियर डिविजन हितेश अग्रवाल के अदालत में दाखिल कइले बाड़न। याचिका पs सरकार के ओर से विशेष अधिवक्ता राजेश मिश्रा मौखिक आपत्ति दर्ज करवले बाड़न। फिलहाल, एह प्रकरण में कवनो आदेश पारित नइखे भइल।

याचिका में कहल गइल बा कि वादी आस्थावान हिंदू बा। आदि विश्वेश्वर मंदिर जवन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के रूप में सार्वजनिक पूजास्थल बा, उहवाँ होखे वाला कवनो अतिक्रमण के रोके खातिर वादी जागरूक रहेला। प्लाट नंबर 8276 के स्वयं के मालिक बतावत अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी उत्तर प्रदेश सरकार के ओर से किनल गइल भवन से अदला-बदली कइलस।

मसाजिद कमेटी विश्वनाथ कॉरिडोर बनावे में भइल जल्दबाजी के फायदा उठावत घरी विनिमय यानी अदला-बदली के षड्यंत्र रचलस। उत्तर प्रदेश सरकार आ मसाजिद कमेटी के बीच 10 जुलाई 2021 के उप निबंधक द्वितीय के इहाँ अदला-बदली के निबंधन भइल, उऽ गलत रहे।

अदला-बदली विलेख में भवन के चौहद्दी के पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण में काशी विश्वनाथ मंदिर के उल्लेख बा। याचिका में वादी प्रार्थना कइले बाड़न कि विनिमय विलेख 10 जुलाई 2021 के शून्य घोषित कइल जाव। विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में आवे वाली समस्त आराजी पs स्वामित्व श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के घोषित कइल जाए।

वादी के ओर से अधिवक्ता देशरत्न श्रीवास्तव आ सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता गौरव सिंह अदालत के बतवलें कि मसाजिद कमेटी अदला-बदली में प्राप्त मकान के प्रकृति बदलल चाहऽ तिया। लिहाजा दीवानी प्रक्रिया संहिता के धारा-80 के नोटिस देवे के अनिवार्यता से जारी करे के तत्काल वाद दर्ज कऽ के गुण-दोष के आधार पs मुकदमा के बंधन से मुक्त कइल जाव।

[the_ad_placement id="below-content"]

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
[the_ad_placement id="sidebar-1st"]
[the_ad_placement id="sidebar-2nd"]
[the_ad_placement id="sidebar-3rd"]