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Gorakhpur News : गोरखपुर में मौजूद बा साढ़े छः वाली गली, जानि एकर इतिहास

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गोरखपुर : गोरखपुर अइसन शहर ह जहाँ आजुओ पुरान परंपरा, सभ्यता आ उनकर याद मौजूद बा। शहर में अइसन बहुत जगह बा जवन हमनी के पुरखा के याद दिलावत बा। एकरा संगे कुछ गली भी बा, जवना के हालत अवुरी रहन-सहन के तरीका बदल गईल बा, लेकिन ओ गली के नाम ना बदलल जा सकत रहे। नाम के साथे ओह गली के कहानी भी आजुओ लोग के मुह पs बा। गोरखपुर में अइसन गली मौजूद बा जवना के आजुओ शहर के साढ़े छह गली के नाम से जानल जाला। शहर के लोग ही ना, आसपास के चार-पांच जिला के लोग भी एह गली के एही नाम से जानत बाड़े।

गोरखपुर में कुछ अइसने जगह जवन आजुओ पुरान गोरखपुर के नाम से जानल जाला। जइसे घंटाघर, रेती चौक, नखास, बाकिर गोरखपुर में साढ़े छह के गली भी एह पुरान गोरखपुर के कहानी ह। ई गली गोरखपुर के नखास पs बा। गली के सबसे पुरान दोकानदार रहमान बतावत बाड़े कि, 40 से 50 साल पहिले उनुकर पिता हरिकुर रहमान अपना कपड़ा के दोकान पs लगभग साढ़े छह मीटर के कपड़ा बेचत रहले। तब से एह गली के नाम बदल के साढ़े छह गली कs दिहल गइल बा। हालांकि अब हरिकुर रहमान नइखन बाकिर अब लोग एह गली के साढ़े छह गली के नाम से जानत बा।

गली के कुल दोकान पs लिखल बा साढ़े छह गली

आजुओ ई साढ़े छह गली गोरखपुर में बहुत मशहूर बा। गली के हर दोकान के पता बोर्ड पs लिखल बा, नखास चौक, साढ़े छह गली। आसपास के चार-पांच जिला के लोग भी एकरा के साढ़े छह गली के नाम से जानत बा। गली में मौजूद दोकानदार फेयर ट्रेलर बतावेले कि, 40-50 साल पुरान रहमान साहब के कपड़ा बेचे के चलते ए गली के नाम साढ़े छह गली के रूप में पड़ल। बाकिर ओह घरी एह गली में अइसने अउरी कई गो समान रहे। ऊ खाली साढ़े छह में बिकात रहे, एही से एह गली के नाम साढ़े छह गली रखल गइल। हालांकि आजु साढ़े छह बजे एह गली में कवनो सामान ना बिकाला। बाकिर पुरान नाम अबहीं ले बरकरार बा।

 

 

 

 

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