[the_ad_group id="30365"]

योग दिवस 2022 : नाथ पंथ आ गुरु गोरखनाथ योग के जनमानस तक ले गइले, अब सीएम योगी एकरा के नया ऊँचाई देवे में लागल बाड़े

[the_ad_placement id="above-content"]

Share

तन, मन अवुरी आत्मा के बीच संतुलन बनावे में योग के बहुत बड़ भूमिका बा। महर्षि पतंजलि योग के एगो व्यवस्थित रूप दिहले। एकरा संगे-संगे नाथ पंथ अवुरी गुरु गोरखनाथ योग के जनमानस तक पहुंचावे के काम कईले। गुरु गोरखनाथ हठयोग के सिद्धांत के रचना कइले। एकरा माध्यम से उ शरीर शुद्धि, संचालन शुद्धि, व्यवहार शुद्धि अवुरी जीवन शुद्धि के रास्ता खोलले।

योग नाथ संप्रदाय के मुख्य योगदान बा। तमाम आसन, प्राणायाम, ध्यान आज प्रचलित बा, आदि गुरु मत्स्येन्द्रनाथ, गुरु गोरखनाथ समेत 84 सिद्ध के आसन के छाप आ प्रेरणा ओह लोग पर लउकत बा। गोरखपुर प्राचीन काल से नाथ पंथ के केंद्र रहल बा।

पहिले योग खाली साधु लोग तक सीमित रहे, लेकिन महंत दिग्विजयनाथ के समय में जनता में एकर प्रसार होखे लागल। महंत दिग्विजयनाथ के निधन के बाद उनकर शिष्य महंत अवद्यानाथ आ उनका बाद महंत योगी आदित्यनाथ एह योग साधना के अउरी महत्व देके नया ऊंचाई देवे के काम कर रहल बाड़े।
गोरखनाथ मंदिर में 1970 से योग शिविर के आयोजन हो रहल बा
महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. प्रदीप कुमार राव बतवले कि साल 1970 में ब्रह्मालिन महंत दिग्विजयनाथ के पहिला पुण्यतिथि प गोरखनाथ मंदिर में सात दिन के लंबा योग शिविर शुरू भईल रहे। ई 2014 तक चलल।

योगी आदित्यनाथ 2015 में शिविर के प्रारूप बदलले रहले

आठ साल पहिले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहल प जब 2014 में संयुक्त राष्ट्र 21 जून के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित कईले रहे त गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ए योग शिविर के दिन के तारीख से जोड़ले रहले। एकरा बाद 2015 से 15 जून से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस यानी 21 जून तक साप्ताहिक योग शिविर के आयोजन शुरू भईल। आयोजन के प्रकृति के व्यापक बनावे खातिर योगी शिक्षक कार्यशाला के योग शिविर से भी जोड़ले।

[the_ad_placement id="below-content"]

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
[the_ad_placement id="sidebar-1st"]
[the_ad_placement id="sidebar-2nd"]
[the_ad_placement id="sidebar-3rd"]