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SBI के ग्राहकन समेत 9 मिलियन से अधिक कार्डधारकन के वित्तीय डेटा लीक, एगो रिपोर्ट में सामने आइल ई बड़ बात

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साइबर-सुरक्षा शोधकर्ता बुध के कहलें कि उ नौ मिलियन से अधिक कार्डधारकन के वित्तीय डेटा से जुड़ल बड़ पैमाना पर लीक के खोज कइले बानें जेमें भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के ग्राहक भी शामिल बानें।

AI-संचालित सिंगापुर-मुख्यालय CloudSEK के खुफिया टीम रूसी-भाषी डार्क वेब साइबर क्राइम फोरम पर खतरा के 1.2 मिलियन कार्ड के डेटाबेस के मुफ़्त विज्ञापन करत पवलें।

एकरे बाद बिडेनकैश वेबसाइट पs विज्ञापित 7.9 मिलियन कार्डधारक डेटा के एक अउर घटना देखे के मिलल। पिछले रिकॉर्ड के विपरीत, एह बेर, हैकर्स संवेदनशील व्यक्तिगत पहचान योग्य जानकारी (PII) जानकारी जइसन SSN, कार्ड विवरण अउर CVV जारी कइलस।

सुरक्षा के इस मुद्दा पर शोधकर्ता कहलें, ‘स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, फिशर सॉल्यूशंस एलएलसी, अमेरिकन एक्सप्रेस कुछ शीर्ष बैंकिंग संस्थान रहल जौन प्रभावित रहल। वीजा भुगतान नेटवर्क के 414,000 रिकॉर्ड के संगे लगभग 508,000 डेबिट कार्ड के जानकारी के लीक कइल गइल। मास्टरकार्ड के ग्राहक भी फंसलें।’

कार्ड के विवरण से जुड़ल अधिकांश व्यक्तिगत ईमेल उजागर भइल। अन्य आधिकारिक ईमेल रिकॉर्ड सॉफ्टबैंक, बैंक ऑफ सिंगापुर अउर विश्व बैंक से जुड़ल पावल गइल रहे जौन कि BidenCash द्वारा पिछले डेटा उल्लंघन से जुड़ल रहे। रिषिका देसाई, साइबर थ्रेट रिसर्चर- CloudSEK कहलें ‘BidenCash जइसन मार्केटप्लेस अक्सर उभर के आवsता, जहवां कार्डिंग अउर क्लोनिंग सेवा खातिर खतरा वाले अभिनेता व्यापार-संवेदनशील कार्ड डेटा के व्यापार करें। जबकि आधुनिक दिन सुरक्षा तंत्र प्रभाव के कम करे में सक्षम बा।’

लीक भइल PII एगो गंभीर मुद्दा हवें। ई खतरा ह जौन सोशल इंजीनियरिंग योजना, फ़िशिंग हमला अउर इहां ले ​​कि पहचान के चोरी के व्यवस्थित कइले में सक्षम बना सकsता।

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