प्रख्यात पार्श्वगायक बृजेश शांडिल्य के होई गोरखपुर लिटेररी फेस्टिवल में आगमन

Anurag Ranjan

गोरखपुर: गोरखपुर लिटरेरी फेस्टिवल (Gorakhpur Literary Festival) के एह साल के आयोजन 7-8 जनवरी के होटल विवेक उत्सव लॉन, बैंक रोड, एसबीआई मेन ब्रांच के सोझा, गोरखपुर में होई। गोरखपुर में साहित्य के सबसे बड़ आ अनूठा पहल GLF के एह साल के आयोजन में देस के ख्याति प्राप्त साहित्यकार आ कलाकार लोगन के मवजूदगी रही। एह साल के गोरखपुर लिटरेरी फेस्टिवल में सामिल होखेम चर्चित पार्श्वगायक बृजेश शांडिल्य। आई जानल जाव इहां के बारे में…

पार्श्वगायिकी के क्षेत्र में स्थापित नाव बा ब्रजेश शांडिल्य के

बृजेश शांडिल्य के जनम गोरखपुर में भइल आ पैतृक निवास स्थान बस्ती हs। इहां के शास्त्रीय संगीत (गायन) में मास्टर्स कइलें बानी, आउर आज ऊ हिन्दी फिल्म जगत में पार्श्वगायक के रूप में जानल जाले। बृजेश के फ़िल्मी कैरियर के सुरुआत 2008 में रिलीज फिल्म ओए लकी लकी ओए के हूरियाँ गाने से भइल। एकरा बाद इनकर ब्लॉकबस्टर साँग्स आवत रहल बा जेमे बन्नो तेरा स्वैगर (तनु वेड्स मनु रिटर्न्स), गोलमाल अगेन (टाइटल सॉंग), ट्रिप्पी ट्रिपी (भूमी), बधाइयाँ तैनू (बधाई हो), बाकी रब पे छोड़ दे (लखनऊ सेण्ट्रल), रॉकेट हमारे साइँया (शुभ मंगल सावधान), सानु कैन्दी (केसरी), मुश्किल है अपना मेल प्रिये (मुक्काबाज़), मेरा नचन नु (एयर लिफ्ट), खींच ते नच्च (चंडीगढ़ करे आशिकी) & K.G.F.-2 का तूफान आ सुल्तान इनकर गावल गीत बा। एकरा अलावे साउथ फिल्म इंडस्ट्री के खातिर ई बहुते बड़ फिल्मन में गवले बाड़े। साल 2016 में इनका के Mirchi Music Award आ Gima Award से सम्मानित कइल गइल आ एक बेर 2020 में इनका केसरी फिल्म के गावे खातिर Mirchi Music Award से सम्मानित कइल गइल।

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सिविल इंजीनियर, भोजपुरिया, लेखक, ब्लॉगर आ कमेंटेटर। खेल के दुनिया से खास लगाव। परिचे- एगो निठाह समर्पित भोजपुरिया, जवन भोजपुरी के विकास ला लगातार प्रयासरत बा। खबर भोजपुरी के एह पोर्टल पs हमार कुछ खास लेख आ रचना रउआ सभे के पढ़े के मिली। रउआ सभे हमरा के आपन सुझाव anuragranjan1998@gmail.com पs मेल करीं।