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चुनाव मॉडल आचार संहिता : चुनाव के दउरान नकद ले जाए मे हो जाइ सतर्क, एमसीसी के नज़र राउर कैश प

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मॉडल आचार संहिता का होला

मॉडल आचार संहिता (एमसीसी) के चुनाव आयोग द्वारा जारी दिशानिर्देश सभ के एगो सेट हवे जे मुक्त आ निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करे ला। एमसीसी राजनीतिक दल आ उनका उम्मीदवार समेत सभके प लागू होखेला। एमसीसी के मकसद अनुचित प्रथा के रोके, बराबर के मैदान बना के राखल, आ राजनीतिक प्रतिभागियन का बीच नैतिक आचरण के बढ़ावा दिहल बा ।

 

 एमसीसी के दौरान नकदी ले जाए खातिर चुनाव आयोग के दिशा-निर्देश का बा?

• भारतीय मुद्रा या विदेशी मुद्रा के सभ आवाजाही कवनो अधिकृत व्यक्ति द्वारा करे के चाहीं जेकरा लगे नकदी ले जाए के दौरान सहायक दस्तावेज होखे के चाहीं। आंदोलन प्राप्तकर्ता के मांग के आधार पर आ गंतव्य पता प होखे के चाहीं।

• चुनाव आयोग लोग के सलाह दिहलस कि बिना समर्थन दस्तावेज के 50 हजार रुपया चाहे ओकरा से जादे के नकदी ना ले जाए।

• 50,000 रुपए से अधिक के अस्पष्ट नकदी प्राधिकरण द्वारा जब्त कर लेवल जाइ ।

• 10 लाख से अधिक के जब्त आयकर विभाग (आईटी) के भेजल जाई।

• जदी अधिकृत व्यक्ति (एपी) के कार्यालय/शाखा से नकदी ले जाइल जा रहल बा, त ओकरा एपी के खाता के किताब में दर्ज होखला के बाद ही जगह से बाहर निकले के चाहीं।

• एही तरे जदी मुद्रा के गति के गंतव्य बिंदु एपी के कार्यालय/शाखा होखे त ओकरा के एपी के खाता के किताब में ओही दिन भा प्राप्ति के तारीख प दर्ज कइल जाव।

• एक ही एपी के शाखा के बीच विदेशी मुद्रा के हस्तांतरण के स्टॉक ट्रांसफर के रूप में गिनल जाए के चाहीं ना कि बिक्री के रूप में ताकि दोहरा गिनती ना होखे।

• नकदी के आवाजाही दस्तावेज के अनुसार होखे के चाहीं।

 

एमसीसी कब लगावल जाला?

 

एमसीसी चुनाव आयोग के ओर से चुनाव कार्यक्रम के घोषणा के तारीख से लागू होखेला आ नतीजा घोषणा के तारीख तक लागू रहेला। एहसे 16 मार्च के साँझ से लागू हो गइल आ चार जून के चुनाव प्रक्रिया के समापन ले लागू रही ।

 

एमसीसी के नियम बा

भारतीय निर्वाचन आयोग के मुताबिक, पचास हजार रुपया से जादे के नगद चाहे दस हजार से जादे के नवीनता लेके चलेवाला कवनो आदमी के जब्त क लिहल जाई। चुनावी प्रभाव खातिर नकदी के दुरुपयोग रोके खातिर ई उपाय कइल गइल बा, जदी ऊ व्यक्ति वैध दस्तावेज दे सकेला आ जब्त कइल सामान चुनाव से जुड़ल ना होखे के घोषणा क सकेला त ओकरा के वापस कर दिहल जाइ । हालांकि जदी जब्त नकदी के रकम 10 लाख से जादे बा त ओकरा के आगे के जांच खाती आयकर विभाग भेज दिहल जाइ।

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