Covid-19: नयका वैरिएंट XBB.1.5 के चलते अमेरिका में बिगड़ल हालात, भारत में भी एकर पुष्टि, एसे गंभीर रोग के खतरा

By Anurag Ranjan

Published on: Dec 31, 2022

चीन-जापान में ओमिक्रॉन के BF.7 वैरिएंट के कारण बिगडल हालात के बीच अमेरिका में ओमिक्रॉन के एगो नयका सब-वैरिएंट के कहर देखा जा रहल बा। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) द्वारा सुक्क के

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चीन-जापान में ओमिक्रॉन के BF.7 वैरिएंट के कारण बिगडल हालात के बीच अमेरिका में ओमिक्रॉन के एगो नयका सब-वैरिएंट के कहर देखा जा रहल बा। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) द्वारा सुक्क के प्रकाशित आंकड़ा के अनुसार अमेरिका में ओमिक्रॉन के XBB.1.5 वैरिएंट मुश्किल बढ़ा दिहले बा।

अमेरिका में एह समय के 40 फीसदी से अधिक कोरोना के मामिला खातिर एही सब-वैरिएंट के प्रमुख कारण मानल जा रहल बा। पिछले हफ्ता के तुलना में एह वैरिएंट के कारण संक्रमण के मामला दुना ले बढ़ल बा। वैज्ञानिकन के कहनाम बा कि ई ओमिक्रॉन के अब ले के सब सब-वैरिएंट्स के तुलना में अधिक समस्याकारक हो सकsता।

एही बीच भारत में भी XBB.1.5 वैरिएंट से संक्रमण के पहिले मामला के पुष्टि कइल गइल बा। इंडियन सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (इन्साकोग) की रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात में एह नयका वैरिएंट के पहिला मामला सामने आइल बा। जौने तरह से एकरे चलते न्यूयॉर्क में हालात बिगड़त देखल गइल बा, एसे खतरा के ध्यान में रखत भारत के भी विशेष सावधानी बरतत रहले के आवश्यकता बा।

XBB.1.5 वैरिएंट के बारे में जानीं

अमेरिका के कई हिस्सा, विशेषकर न्यूयॉर्क में XBB.1.5 वैरिएंट से संक्रमण के कारण स्थिति बिगड़ले के खबर बा। वैज्ञानिक लोग शुरुआती अध्ययन में पवलें बा कि ई XBB सब-वैरिएंट में भइल नया म्यूटेशन से पैदा भइल बा जेकर प्रकृति कई मामिला में चिंता बढ़ावे वाला बा।

जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी में वायरोलॉजिस्ट एंड्रयू पेकोज बतवलें कि XBB.1.5 अपने फैमिली के अन्य के सदस्य से अलग बा काहेसेकि एहमें एगो अतिरिक्त म्यूटेशन देखल जा रहल बा जौन इके कोशिका से बेहतर ढंग से बाइंड करे में मददगार हो सकsता। अइसे में ई अधिक संक्रामक होखले के साथ शरीर में तेजी से बढ़ के गंभीर रोग विकसित कs सकsता।

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