[the_ad_group id="30365"]

Comet Nishimura : आजु राति के आसमान में दिखी ‘धूमकेतु निशिमुरा’, दुबारा 437 साल बाद आइ

[the_ad_placement id="above-content"]

Share

 

आज रात आसमान एगो अइसन घटना के साक्षी बने वाला बा जवन 437 साल में एक बेर होला। निशिमुरा नाम के एगो धूमकेतु आजु रात पृथ्वी के सबसे नजदीक आ जाई। खास बात ई बा कि एह धूमकेतु के पहिला बेर पिछला महीना खोजल गइल रहे। आज यानी 12 सितंबर आ 13 सितंबर के एकरा के देखे के उम्मीद बा। अगिला बेर 437 साल बाद इ मौका आई। धूमकेतु के देखे खातिर कवनो तरह के दूरबीन के जरूरत ना पड़ेला। एकरा के नग्‍न आँख से देखल जा सकेला, बशर्ते कि जवना जगह पs रउरा बानी ओहिजा कम से कम प्रदूषण होखे। आसमान साफ ​​होखे के चाही अवुरी कम रोशनी होखे के चाही।

खगोलशास्त्री लोग के मानल ​​बा कि निशिमुरा के उत्पत्ती हमनी के सौरमंडल के दूर-दूर ले स्थित ऊर्ट क्‍लाउड में भइल। एकरा के कई गो बर्फीला चीज सभ के इलाका मानल जाला। निशिमुरा धूमकेतु के वैज्ञानिक नाम सी/2023 पी1 बा। पृथ्वी से गुजरत घरी ई 17 सितंबर के सूर्य के नजदीक से गुजरी।

अइसन घटना के गवाह बने के सबसे बढ़िया समय सूर्यास्त से सूर्योदय तक होला। रात जेतना गहिराह आ अन्हार होखी, धूमकेतु आ ओकर चमक देखे के संभावना ओतने बढ़ी।

खबर बा कि धूमकेतु के देखे के सबसे बढ़िया समय सूर्योदय से करीब 90 मिनट पहिले होखेला। एकरा के नग्न आंख से भी देखल जा सकता, लेकिन दूरबीन बा त अनुभव अवुरी निमन होई।

एह धूमकेतु के नाँव शौकिया खगोलशास्त्री हिदेओ निशिमुरा के नाँव पs रखल गइल बा। पिछला महीना एकर खोज उहे कइले रहले। कहल जाला कि ई धूमकेतु आखिरी बेर 1500 के दशक में हमनी के ग्रह पs आइल रहे। अगिला बेर साल 2450 में देखल जाई। इहो संभावना बा कि जब ई सूरज के नजदीक आ जाई त अपना गर्मी के चलते ई पूरा तरह से गायब हो सकेला। अगर अइसन हो गइल त धूमकेतु निशिमुरा अब कबो ना लउकी।

 

 

 

 

[the_ad_placement id="below-content"]

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
[the_ad_placement id="sidebar-1st"]
[the_ad_placement id="sidebar-2nd"]
[the_ad_placement id="sidebar-3rd"]