LIC खातिर प्राइवेट सेक्टर से CEO हायर करी सरकार! जानीं निवेशकन पर का होई असर

By Anurag Ranjan

Published on: Dec 9, 2022

देस के सबसे बड़ बीमा कंपनी एलआईसी अब खुद के आधुनिक बनावे के योजना बना रहल बिया। एह बारे में जानकारी रखे वाला सूत्रन के मोताबिक LIC में पहिला बेर प्राइवेट सेक्टर के कवनो पेशेवर

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देस के सबसे बड़ बीमा कंपनी एलआईसी अब खुद के आधुनिक बनावे के योजना बना रहल बिया। एह बारे में जानकारी रखे वाला सूत्रन के मोताबिक LIC में पहिला बेर प्राइवेट सेक्टर के कवनो पेशेवर के CEO के रूप में हायर करे पर विचार चल रहल बा।

सरकारी अधिकारी लोग बतावल कि भारत के लक्ष्य भारतीय जीवन बीमा निगम के पहिला सीईओ के रूप में एगो निजी क्षेत्र के पेशेवर के नियुक्त कइल बा, जे अपना सबसे बड़ बीमाकर्ता के आधुनिक आ प्रोफेशनल बनावे के कोसिस करी।

सरकार के एह डेग से ओह निवेशकन के राहत मिली जे LIC में निवेश में कइले बा। अभी तक मिलल जानकारी के मोताबिक, जीवन बीमा निगम माने एलआईसी के जिम्मेदारी प्राइवेट सेक्टर के कवनो CEO के सउपल जाई। बता दीं एलआईसी 41 लाख करोड़ रुपिया माने (500.69 बिलियन डॉलर) के फंड मैनेज करेला।

एलआईसी के 66 साल के इतिहास में पहिला बेर होई अइसन 

भारत के सबसे बड़ बीमाकर्ता के नेतृत्व करे खातिर निजी क्षेत्र के नियुक्ति कंपनी के 66 साल के इतिहास में पहिला बेर होई। एह बारे में सरकारी अधिकारियन में से एगो कहलस कि सरकार एलआईसी सीईओ के नियुक्ति खातिर पात्रता मानदंड के व्यापक बनावे के योजना बना रहल बिया ताकि निजी क्षेत्र के उम्मीदवार आवेदन कर सके लो।

लिस्टिंग के बादे से सुस्ती जारी

पिछला साल मई में लिस्टिंग होखला के बाद से एलआईसी के शेयर के कीमत में गिरावट आइल बा। एह गिरावट से निवेशकन के संपत्ति में लगभग 2 ट्रिलियन रुपिया (24.31 बिलियन डॉलर) के नुकसान भइल बा। पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग कहलें कि ऊ एह विचार से सहमत बाड़े कि बीमा के नेतृत्व करे खातिर योग्य लोगन के राज्य द्वारा संचालित फर्मन से आगे बढ़ावल जाई।

वित्त मंत्रालय के लगे होला कामकाज के जिम्मेदारी

रउआ के बता दीं कि LIC के कामकाज के जिम्मेदारी वित्त मंत्रालय के लगे होला। अभी LIC में एगो चेयरमैन होला बाकिर मार्च 2023 में चेयरमैन के कार्यकाल खतम होखला के बाद एह पद के खतम कर दिहल जाई। ओकरा बाद सरकार प्राइवेट सेक्टर से एगो चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के नियुक्ति करी। प्राइवेट सेक्टर से CEO नियुक्त करे खातिर सरकार LIC के नियमन में बदलाव कइले बिया। ओहिजा एह ममिला के जानकारी रखे वाला एगो सूत्र बतवलस कि सरकार के ई डेग शेयरहोल्डर्स खातिर फायदेमंद रही। बाकिर अभी ले ई पता नइखे चल पाइल कि नया अधिकारी कवना सेक्टर से आई।

एलआईसी के बारे में

भारतीय जीवन बीमा निगम माने एलआईसी, भारत के सबसे बड़ जीवन बीमा कंपनी हs। एकर स्थापना सन् 1956 में भइल रहे। ई पूरा तरे भारत सरकार के स्वामित्व में बा। एकर मुख्यालय भारत के वित्तीय राजधानी मुंबई में बा।

साभार: न्यूज 18

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