BPSC Exam: बीपीएससी 68वीं मुख्य परीक्षा के मॉडल पेपर जारी, तीन खंड में होई प्रश्न; जानीं का भइल बा बदलाव

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बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) 68वीं मुख्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा खातिर मॉडल प्रश्नपत्र वेबसाइट (www.bpsc.bih.nic.in) पs अपलोड कs देले बा।

सचिव सह परीक्षा नियंत्रक रविभूषण बतवलें कि 68वीं मुख्य परीक्षा के पैटर्न में बदलाव कइल गइल बा। अभ्यर्थी मॉडल प्रश्नपत्र डाउनलोड कs के पैटर्न से अवगत हो सकत बा लो।

मुख्य परीक्षा 900 अंकन के होई। सामान्य अध्ययन पेपर एक आ दु आउर निबंध खातिर 300-300 अंक निर्धारित बा। निबंध के पहिला बेर सामिल कइल गइल बा। ओहिजा, ऐच्छिक विषय में अब क्वालीफाइंग अंक प्राप्त करे के होई। ऐच्छिक विषय के प्रश्न वस्तुनिष्ठ होई।

तीन खंडन में होई सामान्य अध्ययन पेपर एक के प्रश्न

वेबसाइट पs जारी मॉडल पेपर के मोताबिक, सामान्य अध्ययन पेपर एक आ दु में प्रश्न तीन खंडन में होई। पेपर एक में खंड एक आ दु में पहिला प्रश्न अनिवार्य होई, जबकि दूसरका आ तीसरका प्रश्न में विकल्प दिहल जाई। खंड तीन में दु गो प्रश्न होई, दुनो में एक-एक विकल्प होई।

खंड एक आ दु के हर प्रश्न 38-38 अंक आ तीसरा खंड के दुनो प्रश्न 36-36 अंक के होई। खंड एक के प्रश्न आधुनिक भारत के इतिहास और संस्कृति, दूसरा खंड राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय समसामयिक घटना आ तीसरा खंड स्टैटिस्टिक एनालिसिस, ग्राफ और डिजाइन से जुड़ल होई।

पेपर दु के तीनो खंड के पहिला प्रश्न अनिवार्य

सामान्य अध्ययन पेपर दु के तीनो खंडन के पहिला प्रश्न के जवाब अनिवार्य होई। खंड एक आ दु में प्रश्न संख्या दु आ तीन आउर खंड तीन के प्रश्न संख्या दु में एक-एक विकल्प होई। एमे से कवनो एक के जवाब अभ्यर्थियन के देवे के होई।

खंड एक आ दु खातिर 38-38 आउर खंड तीन खातिर 36-36 अंक निर्धारित बा। खंड एक में भारतीय राजनीति, खंड दु में भारतीय अर्थव्यवस्था आ भूगोल आउर खंड तीन में विज्ञान आ तकनीकी विकास से संबंधित प्रश्न होई।

बिहार के मुद्दन से जुड़ल होई निबंध

मुख्य परीक्षा में पहिला बेर 300 अंकन के निबंध सामिल कइल गइल बा। 100-100 अंक के तीन निबंध होई। सब के विषय बिहार से जुड़ल होई। प्रत्येक खंड में कइयन गो विकल्प दिहल गइल रही, एमे से कवनो एक के जवाब देवे के होई।

आयोग अभी ई स्पष्ट नइखे कइले कि निबंध में प्रत्येक खंड में अभ्यर्थियन के केतना विकल्प दिहल जाई। सूत्रन के मानल जाव तs दु से चार विकल्प दिहल जा सकत बा।

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