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सीएम योगी के शहर में अयोध्या के तर्ज पs बनी एयरपोर्ट, डिजाइन तइयार; होंई वर्ल्ड क्लास सुविधा

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गोरखपुर के हवाई अड्डा : सीएम योगी के शहर गोरखपुर के नया हवाई अड्डा के निर्माण के खाका तइयार हो गइल बा। हवाई अड्डा पs विश्वस्तरीय सुविधा दिहल जाई। एकर डिजाइन उड्डयन मंत्रालय तइयार कइले बा। डिजाइन के मुताबिक इs नया हवाई अड्डा अयोध्या हवाई अड्डा के तर्ज पs होई। 42 एकड़ में से एयरपोर्ट भवन के निर्माण 18 हजार वर्ग मीटर में होई। बाकी इलाका में टेकऑफ, लैंडिंग अवुरी पार्किंग के इंतजाम होई। नयका हवाई अड्डा के निर्माण में करीब 900 करोड़ रुपिया के लागत आई। नया हवाई अड्डा के आकार में अइला के बाद शहर से एकर दूरी करीब एक किलोमीटर कम हो जाई। नया हवाई अड्डा पs पहुंचे खातीर नंदानगर से होके जाए के होई। एयरपोर्ट जाए में यात्री के कवनो असुविधा के सामना ना करे खातीर खुद नंदानगर पोस्ट से करीब डेढ़ किलोमीटर तक इs सड़क फोर लेन होई।

हवाई अड्डा विस्तार के मंजूरी मिलला के बाद अवुरी ओकरा खातीर पईसा के आवंटन कईला के बाद अब एक-एक सुविधा के जमीन पs ले आवे के योजना शुरू हो गईल बा। शुरुआती योजना के मुताबिक इहाँ एक बेर में 10 जहाज खड़ा करे के तैयारी बा। एकरा के तीन ओर से विस्तार कईल जाई ताकि 1500 यात्री एक संगे चेक-इन चाहे चेक-आउट कs सकेले। एह सुविधा के शुरुआत से हमनी के गोरखपुर हवाई अड्डा भी लखनऊ अवुरी वाराणसी जईसन बड़ हवाई अड्डा के बराबरी पs खड़ा हो सकता। हाल ही में गोरखपुर हवाई अड्डा खातिर 42.14 एकड़ जमीन देवे के अनुमति देवे के संगे रक्षा मंत्रालय निर्माण कार्य खातीर 76 करोड़ 66 लाख 96 हजार रुपिया के कोष के मंजूरी देले बा।

यात्री सीधा विमान में चढ़ सकेले

नयका हवाई अड्डा पs दिल्ली हवाई अड्डा के तर्ज पs पांच ऐरो ब्रिज बनावल जाई। एह पुल से यात्री सीधे चेक इन लाउंज से विमान में चढ़ सकेलें। यात्रियन के रनवे पs पैदल चले के जरूरत ना पड़ी

काम के गुणवत्ता के निगरानी

गोरखपुर हवाई अड्डा के विस्तार के लेके रक्षा मंत्रालय के हालत के जानकारी डीएम के देत नागरिक उड्डयन निदेशक बतवले बाड़े कि इs धन रक्षा राज्य अधिकारी इलाहाबाद के सर्किल के लोकनिधि खाता में रही। डीएम एह धनराशि ओर से ना निकालल जाई अवुरी कवनो बैंक खाता में ना राखल जाई। तत्काल आवश्यकता के मुताबिक ही धन निकालल जाई। डीएम से कहल गइल बा कि सक्षम स्तर से तकनीकी मंजूरी मिलला के बाद ही काम होखे। काम के गुणवत्ता, मानक आदि के निगरानी के जिम्मेदारी डीएम के होई। संगही खर्चा के निगरानी के उनुका पs होई।

फिलहाल गोरखपुर से रोजाना 12 उड़ान दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता, लखनऊ, प्रयागराज खातिर चल रहल बा। हवाई अड्डा के विस्तार के बाद चेन्नई, बेंगलुरु, वाराणसी समेत कई गो अउरी महत्वपूर्ण शहरन खातिर उड़ान शुरू हो जाई।

 

 

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